दिशा समिति की बैठक संपन्न, विधायक संदीप साहू ने सीमेंट प्लांटो मे जिले के स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की रखा मांग
(रौनक साहू)
कसडोल। जिला मुख्यालय स्थित संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति दिशा की बैठक संपन्न हुआ। जिसमे सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, मंत्री टंकराम वर्मा, जिला कलेक्टर, जिला सीईओ सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहें। इस बैठक में कसडोल विधायक संदीप साहू शामिल हुए। श्री साहू ने जनहित के मुद्दों पर कड़ा रुख अख्तियार किया।
बैठक के दौरान श्री साहू। ने जिले के सीमेंट संयंत्रों में स्थानीय युवाओं की उपेक्षा और जल जीवन मिशन की सुस्त रफ्तार को लेकर अधिकारियों को घेरा। विधायक श्री साहू ने युवाओं के रोजगार का मुद्दा उठाते हुए सरकारी आंकड़ों का हवाला दिया उन्होंने कहा कि जिले में लगभग 67 हजार युवाओं ने रोजगार पंजीयन कराया है जिले में 7 से 9 बड़े सीमेंट प्लांट संचालित हैं लेकिन जब उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि इन प्लांटों में कितने पंजीकृत युवाओं को नौकरी मिली तो विभाग का जवाब चौंकाने वाला था अधिकारियों ने स्वीकार किया कि इन बड़े प्लांटों में स्थानीय युवाओं की भर्ती शून्य रही है कुछ युवाओं को महज पोहा मिल या गार्ड और स्वीपर जैसे पदों पर ही रखा गया है इस पर विधायक ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा: की जब हम जल जंगल और जमीन की बात करते हैं तो उस जमीन पर लगे उद्योगों में पहला हक स्थानीय युवाओं का होना चाहिए। शासन-प्रशासन प्लेसमेंट कैंप के माध्यम से इन सीमेंट प्लांटों में स्थानीय बेरोजगारों को सम्मानजनक नौकरी दिलाना सुनिश्चित करे। बैठक में विधायक संदीप साहू ने जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत पर भी सवाल उठाए उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
“कई गांव में हुए अधूरे कार्य”
कई गांवों में पानी टंकी का निर्माण तो कर दिया गया है लेकिन जल स्रोत उपलब्ध न होने के कारण आपूर्ति ठप है विधायक ने आरोप लगाया कि कई गांवों में ठेकेदार काम अधूरा छोड़कर भाग गए हैं जिससे शासन का पैसा बर्बाद हो रहा है और लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। वही विधायक संदीप साहू ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन ठेकेदारों ने काम अधूरा छोड़ा है उन पर तत्काल कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाए साथ ही जहाँ भी कार्य अपूर्ण हैं उन्हें युद्धस्तर पर पूरा कर पेयजल आपूर्ति सुचारु की जाए ताकि ग्रामीणों को योजना का वास्तविक लाभ मिल सके उन्होंने 67 हजार पंजीकृत बेरोजगारों के भविष्य पर चिंता जाहिर करते हुए जिला मे रोजगार मेले का आयोजन करने एवं सीमेंट उद्योगों में स्थानीय भर्ती अनिवार्य करने की मांग की है।


