पाकिस्तानी जासूस अकलतरा से गिरफ्तार: ISI से संपर्क और विदेशी नंबरों से चैटिंग, गुप्त जानकारियां भेजने के मिले सबूत

{Pankaj Kurre}

अकलतरा | जांजगीर-चांपा पुलिस को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ी सफलता मिली है। किरायेदार सत्यापन अभियान के दौरान अकलतरा थाना क्षेत्र से एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े तत्वों के संपर्क में रहकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। पुलिस के अनुसार आरोपी के मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है।


पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में जिले में अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अकलतरा में किरायेदार सत्यापन के दौरान यह बड़ा खुलासा सामने आया।

पंजाब का रहने वाला युवक अकलतरा में रह रहा था किराए पर

गिरफ्तार आरोपी की पहचान सेवक सिंह (23 वर्ष), पिता बलविंदर सिंह, निवासी पट्टी, थाना पट्टी, जिला तरन तारण (पंजाब) के रूप में हुई है। आरोपी के विरुद्ध थाना अकलतरा में अपराध क्रमांक 350/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 एवं 61(2) के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि अकलतरा के मिनीमाता चौक स्थित एक मकान में अन्य राज्यों के कई व्यक्ति किराए पर रह रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर किरायेदारों का सत्यापन किया। इसी दौरान सेवक सिंह की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं, जिसके बाद उससे पूछताछ की गई।

पूछताछ में बढ़ा संदेह, मोबाइल जांच में मिले विदेशी संपर्क

पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वयं को पाकिस्तान सीमा क्षेत्र के नजदीक का निवासी बताया, लेकिन उसके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। संदेह के आधार पर जब उसके मोबाइल फोन की जांच की गई तो पाकिस्तान, सऊदी अरब और अन्य विदेशी नंबरों से संपर्क के प्रमाण मिलने का दावा किया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से विदेशी नंबरों तथा संदिग्ध व्यक्तियों के संपर्क में था।

संवेदनशील जानकारियां भेजने का आरोप

पुलिस जांच में यह संकेत मिले हैं कि आरोपी छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण व्यक्तियों, संवेदनशील स्थानों, वाहनों के नंबर, लोकेशन, फोटो और वीडियो जैसी जानकारियां विदेश में बैठे अपने संपर्कों को भेज रहा था। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि इन जानकारियों का उपयोग किस उद्देश्य से किया जाना था।

मोबाइल से मिले चैट, वीडियो कॉल और रिकॉर्डिंग

पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट, वीडियो कॉल रिकॉर्ड, कॉल रिकॉर्डिंग तथा अन्य डिजिटल साक्ष्य मिलने का दावा किया है। मोबाइल फोन को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। जांच एजेंसियां डिजिटल डेटा की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं ताकि आरोपी के संपर्कों और गतिविधियों का पूरा नेटवर्क सामने आ सके।

हथियार मिलने के बाद टारगेट किलिंग की थी साजिश!

पुलिस जांच में यह भी जानकारी सामने आई है कि आरोपी को पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से हथियार उपलब्ध कराए जाने की योजना थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हथियार मिलने के बाद उसे पाकिस्तान स्थित संचालकों द्वारा बताए गए लक्ष्यों पर हमला करने अथवा टारगेट किलिंग जैसे कार्य सौंपे जाने की संभावना जताई जा रही है।

हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन तथ्यों की अंतिम पुष्टि विस्तृत विवेचना और फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही की जाएगी।

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला

पुलिस का कहना है कि आरोपी की गतिविधियां देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करने वाली प्रतीत होती हैं। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।

फिलहाल पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क, विदेशी संपर्कों तथा संभावित सहयोगियों की पहचान करने में जुटी हुई हैं। मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

 

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