बलौदाबाजार ब्रेकिंग: आपसी रंजिश, विवाद और गाली गलौज से गई 8 लोगों की जान, पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी द्वारा चुहा मारने खरीदा था सुहागा जहर
(रौनक साहू)
आपसी रंजिश, विवाद और गाली गलौज से गई 8 लोगों की जान, पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी द्वारा चुहा मारने खरीदा था सुहागा जहर
कसडोल। बीते 6 जून को अनुविभागीय अधिकारी कसडोल को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों द्वारा फरवरी माह से लेकर 14 मई तक कुल 08 लोगो की संदेहास्पद मृत्यु होने के संबंध में शिकायत किया गया था जिसमें ग्रामीणों ने गांव के ही व्यक्ति राम सहाय जायसवाल पर संदेह व्यक्त किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा तत्काल प्रारंभिक जांच शुरू की गयी। प्रकरण में सभी 07 व्यक्तियों के शव उत्खनन कराकर पोस्टमार्टम हेतु मेकाहारा रायपुर रवाना किया गया। जहां डाक्टरों की टीम के द्वारा रायपुर स्थित मेडिकोलिगल संस्थान में विशेष टीम के द्वारा पोस्ट मार्टम कराया गया एवं फारेंसिंक जांच हेतु सभी व्यक्तियों का डीएनए विसरा अन्य सेंपल प्रिजर्व किया गया है।
मृतकों में एक मृतक बुधराम जायसवाल के शव का उनके परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था। जिससे उनके शव का पोस्टमार्टम नहीं किया जा सका। विवेचना के दौरान पुलिस के द्वारा प्रत्येक व्यक्तियों की मृत्यु संबंधित सुक्ष्मता से जांच की गयी। पुलिस की एक टीम जहां निरंतर ग्रामीण से पुछताछ कर सतत निगाह रखी हुई थी वही इसके समानांतर दुसरी टीम इस घटना से संबंधित तकनीकी साक्ष्य जुटाने में प्रयास में लगी थी। इसी दौरान पुलिस टीम को जानकारी प्राप्त हुई की अभियुक्त ने गांव के किसी व्यक्ति से चुहा मारने की दवा के नाम पर सुहागा जहर प्राप्त किया। संबंधित ग्रामीणों से पुछताछ एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त से पुछताछ की गई। प्रारंभ में अभियुक्त द्वारा घटना करने से इंकार किया गया किंतु बारीकी से पुछताछ करने पर अंतत: अभियुक्त ने घटना कारित करना स्वीकार किया, जिसने अपने बयान में सभी मृतकों को पुरानी रंजीश, छोटी छोटी शिकायतें, गाली गालौच एवं चारित्रिक संदेह तथा टोना-टोटका के चलते एक के बाद एक घटना कारीत करना स्वीकार किया।
“सर्वप्रथम श्वान को बनाया था शिकार”
गौरतलब है कि पूरे मामले में आरोपी ने सर्वप्रथम चुहा मार दवा (सुहागा) से अपना पहला निशाना श्वान को बनाया था, श्वान पर सफल परीक्षण होने के बाद बीते 6 फरवरी को पहला शिकार बद्री को बनाया गया, जो अक्सर अभियुक्त के साथ गाली गलौज और शराब पिलाने के लिए परेशान करता था, आरोपी द्वारा सुहागा (जहर) मिले शराब को पीने से बद्री की मौत हो गयी। इसके बाद उक्त आरोपी ने लगातार गोवा शराब में सुहागा मिलाकर रंजिश रखें मृतकों को पिलाता रहा।
“शिकार के बाद शुरू हुई मौत की कहानी”
पहले शिकार से मिली सफलता से अभियुक्त रामसहाय का आत्मविश्वास बढ़ने पर दुसरा निशाना बुठालु को बीते 20 फरवरी को निशाना बनाया। बुठालु द्वारा समाज को गाली देने और पुर्व विधानसभा चुनाव के समय हुए विवाद से आरोपी द्वारा बुठालू को सुहागा मिला कर शराब पिलाने से उसी तरह उसकी भी मौत हो गयी। इसके बाद 12 मार्च को छत्तु राम जो अभियुक्त के पत्नि के उपर बुरी नियत रखता था, जिसका बदला लेने के लिये शराब में सुहागा मिलाकर पिलाने से छत्तुराम की भी मौत हो गयी। इसके साथ ही 20 मार्च को बुधराम, जिससे अभियुक्त के साथ जमीन लेन देन और समाजिक रूप से रंजीश बना हुआ था, ठीक उसी पैटर्न में शराब में सुहागा (जहर) मिलाकर पिलाने से बुधराम की भी मौत हो गयी। जिसका दाह संस्कार किया गया है, इसके बाद लोगों को जहर देकर लगातार मारने की घटना और किसी को कोई शंका नही होने पर आरोपी द्वारा अगला शिकार विनोद कुमार को बनाया गया, जो अभियुक्त को लगातार गाली गलौज किया करता था, उससे बदला लेने के लिये सुहागा (जहर) मिलाकर शराब पीने के लिए आरोपी द्वारा दिया गया। जिसे पीने से विनोद कुमार की भी मौत 31 मार्च को कसडोल अस्पताल में हो गया। मौतों का शिलाशिला यही नहीं रुका इसके द्वारा सुहागा मिला हुआ शराब देने से पीने वश गजानंद की 28 अप्रैल को मृत्यु हो गया। अभियुक्त को शंका था कि गजानंद उन पर बैगा गुनिया करता था, जिससे वह कर्ज मुक्त नही हो पा रहा है जीवन में सुख शांति नही मिल रहा था जब यहां भी सफलता मिला इसके बाद अभियुक्त द्वारा चैतूराम से ₹50,000 कर्ज लिया गया था, जिसके ब्याज देने से निजात पाने के लिये चैतुराम को मारने का आरोपी द्वारा योजना बनाया गया। इसके बाद अभियुक्त रामसहाय के द्वारा गांव के चैतुराम को 29 अप्रैल को शराब में सुहागा मिलाकर दिया गया, जिसे पीने से चैतुराम की भी मौत हो गयी। इसके बाद 2023 में चुनाव के समय हुए पुराने झगड़ा विवाद मारपीट का बदला लेने तथा बीच बीच में ताने मारने की बात को लेकर 14 मई को महेतरू राम को भी सभी लोगो की तरह शराब में सुहागा (जहर) मिलाकर आरोपी द्वारा दिया गया, जिसे पीने से महेतरू की भी मौत हो गयी। आरोपी यही नहीं रुका अभियुक्त द्वारा 14 अप्रैल को कार्तिक को सुहागा मिला शराब दे दिया गया था, जिसे पीने से कार्तिक की तबियत खराब होने से परिजन द्वारा उपचारार्थ भर्ती कराया गया था। उक्त घटनाओं के आधार पर अभियुक्त के विरूद्ध 08 हत्या एवं 01 हत्या का प्रयास कुल 09 अपराधिक प्रकरण दर्ज कर विवेचना कार्यवाही की जा रही है। उक्त प्रकरण की गंभीरता के मद्देनजर रायपुर पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा द्वारा शुरूआत से ही लगातार दिशा निर्देश दिये जा रहे थे। साथ ही पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के कुशल निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी कसडोल कौशल किशोर वासनिक के कुशल नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज, सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की प्रमुख भूमिका रही। प्रदेश के बहुचर्चित 08 व्यक्तियों की सुनियोजित हत्या एवं हत्या के प्रयास का मामला पुलिस टीम द्वारा उत्कृष्ट दक्षता, सुझबुझ एवं संयम का परिचय देते हुए, जटिल अपराध को सफल तरीके से सुलझाने में सफलता प्राप्त की गई है।
आरोपी– रामसहाय जायसवाल पिता देवप्रसाद उम्र 46 साल निवासी ग्राम पुराना खर्वे थाना कसडोल





