बारात लौटाने वाली दुल्हन ने उसी दूल्हे से मंदिर में रचाई शादी, मामले ने लिया नया मोड़…जानिए क्या है मामल

(देवेश साहू)

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में कुछ सप्ताह पहले पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी दुल्हन मुस्कान की कहानी ने नया मोड़ ले लिया है। शराब के नशे में होने के संदेह पर दूल्हे की बारात वापस लौटा देने वाली मुस्कान ने अब उसी दूल्हे संतराम के साथ मंदिर में विधि-विधान से विवाह कर लिया है।


गौरतलब है कि 23 जून को खोखरा निवासी संतराम की बारात ग्राम कोसमंदा स्थित मुस्कान के घर पहुंची थी। विवाह की रस्मों के दौरान दूल्हे के नशे में होने की आशंका पर दुल्हन मुस्कान ने सार्वजनिक रूप से शादी से इनकार कर दिया था। इतना ही नहीं, उसने दूल्हे को थप्पड़ मारते हुए पूरी बारात वापस लौटा दी थी। इस साहसिक निर्णय की पूरे प्रदेश में सराहना हुई थी और जांजगीर-चांपा पुलिस ने भी सामाजिक जागरूकता का संदेश देने के लिए मुस्कान का सम्मान किया था। बाद में परिवार परामर्श केंद्र में उसे काउंसलर की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।

अब इस चर्चित मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल के बाद मुस्कान और संतराम ने आपसी सहमति से मंदिर में विवाह कर लिया। विवाह के दौरान संतराम ने मुस्कान की मांग में सिंदूर भरकर उसे अपनी जीवनसंगिनी बनाया।

संतराम का कहना है कि शादी वाले दिन उसने स्वेच्छा से शराब का सेवन नहीं किया था, बल्कि उसे कोल्ड ड्रिंक में किसी ने नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया था, जिसके कारण उसकी हालत बिगड़ गई थी। वहीं मुस्कान का कहना है कि उस समय उसे लगा था कि दूल्हा शराब के नशे में है और उसके साथ धोखा हुआ है। बाद में पूरे मामले की जानकारी मिलने पर यह स्पष्ट हुआ कि शादी तुड़वाने की साजिश भी हो सकती थी।

फिलहाल दोनों ने सभी गलतफहमियों को दूर कर नया जीवन शुरू करने का निर्णय लिया है। यह मामला पहले सामाजिक जागरूकता का संदेश देने के कारण चर्चा में रहा, वहीं अब आपसी विश्वास, संवाद और समझदारी के साथ रिश्ते को नया अवसर देने की वजह से भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

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