गिधौरी क्षेत्र में हलषष्ठी पर्व धुमधाम से मनाया

मदन खाण्डेकर


गिधौरी.गिधौरी ,टुण्डरा सहित अंचल के गांवों में बुधवार को महिलाओं ने नये वस्त्र पहनकर संतान के की लम्बी वायु के लिए कमर छठ हलषष्ठी का व्रत रखकर हलषष्ठी माता की कथा,जगह जगह पर महिलाओं ने व्रत रखकर पुजा अर्चना कर कथा सुने और अपने अपने पर पुत्र को पोता लगाया गया ।गिधौरी के रमेशवर साहु के आंगन में, सीताराम साहु के घर के पास, बीच बस्ती चौक में, धरसा पारा में, मनोज केवट के घर पास, विनोद केशरवानी के घर आदि महिलाओ ने जगह जगह पर हलषष्ठी पर्व एवं पुजा में शामिल हुई.और क्षेत्र के गांवो में बडी ही धुमधाम से कमरछठ पुजा पर्व मनाया गया ।और शाम तक पुजा पाठ चलता रहा है ।पंडित ने बताया गया की आज कृष्ण पक्ष षष्ठी को भगवान श्रीकृष्ण के बडे भाई बलराम का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है ।

 


बलराम को शेषनाग का अवतार माना गया है।भगवान विष्णु के अधिकांश अवतारो में शेषनाग किसी किसी रूप में हमेशा अवतरित हुए। हिंदू धर्म शास्त्रनुसारभगवान बलराम का प्रधान शस्त्र हल और मुसल है।हलधारण करने के कारण बलराम को हलधर कहा जाता है ।भगवान बलराम माता देवकी और वासुदेव के सातवें संतान है यह पर्व पुर्णिमाके छठवें दिन बाद चंद्रषष्ठी,बलदेव छठ ,रंधन षष्ठी के नाम से मनाया जाता है छत्तीसगढ़ में गांव गांव में कमर छठ से जाना जाता है महिलाओं द्वारा हलषष्ठी माता की पुजा करके परिवार के खुशहाली एवं संतान की लम्बी उम्र एवं सुख समृद्धि की कामना गई ।पुजा अर्चना में बिना हल जोते उगने वाले पसहर चावल और छः प्रकार की भाजियों का भोग लगाने का खास महत्व है ।

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