वनग्राम पचपेड़ी में दो दर्जन से अधिक हाथियों का दल मौजूद, किसानों का फसल हो रहा नुकसान, हाथी मित्र दल कर रहें निगरानी

(रौनक साहू)

कसडोल। सोनाखान परिक्षेत्र के वन ग्राम पचपेड़ी में पिछले करीब 5-6 दिनों से हाथियों का दल लगातार विचरण कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 28 हाथियों का दल क्षेत्र में पहुंचकर खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। हाथियों के कारण किसानों की खड़ी फसल बर्बाद होने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का दल लगातार खेतों की ओर पहुंच रहा है, जिससे फसल के साथ-साथ किसानों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने और किसानों को नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग किया है।


“किसानों ने फसल नुकसान पर मुआवजा की मांग”

इधर 5 दिनों से क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी पर किसान चिंतित है, किसानों का कहना है कि हाथियों के मौजूदगी के कारण पूरा परिवार घर में है, जिसके कारण खेतों की देखरेख नहीं हो पा रहा है, ऐसे में हाथियों के द्वारा फसलों को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है, लेकिन वन अमला द्वारा हाथियों को जंगलों की ओर भेजने पहल नहीं किया जा रहा है, केवल नाम मात्र देख रेख किया जा रहा है। साथ हीं वन अमला द्वारा कितने किसानों का फसल नुकसान अभी तक हुआ कोई जानकारी नहीं दिया जा रहा है, जिससे इस वर्ष किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा। किसानों ने राज्य सरकार और वन विभाग से हाथियों द्वारा फसल नुकसान पर उचित मुआवजा देने की मांग किया है।


“हाथियों की मौजूदगी, किसान सतर्क”

लगातार क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी से किसान वर्ग परेशान है, किसानों ने आरोप लगाया कि हाथियों के द्वारा फसल नुकसान पर वन विभाग द्वारा 1 हेक्टेयर पर 12 से 14 हजार ही मुआवजा दिया जाता है जबकि किसानों का राज्य सरकार को धान बेचने पर लाखों रुपए समर्थन मूल्य के हिसाब से मिल जाता है, लेकिन वन अमले के मुआवजा से 1 हेक्टेयर में लाखों का नुकसान किसानों को हो रहा है, किसानों ने सरकार और वन विभाग से मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग किया है। साथ ही किसान हाथियों की दमक से किसान शाम 5 बजे के बाद कही आ जा नहीं पा रहे है, जिससे किसान सतर्क है, इधर वन विभाग द्वारा भी लगातार 15 से 20 की संख्या पर निगरानी बनाए हुए है, साथ ही हाथी मित्र दल सहित अन्य वनकर्मी आसपास के ग्रामीणों को सतर्क कर रहे है।

“यह किसान है प्रभावित”

हाथियों की मौजूदगी पर ग्राम पचपेड़ी के किसानों में मुख्य रूप से रामसिंह, लूटाराम, गोपाल, धरमलाल, राजकुमार, सोहनलाल, जनकराम, हीरालाल, बालाराम, महेश, ताराचंद, प्रेमसिंह, निखगो, गणेश, चेतराम, जामसिंह, कृष्ण कुमार, बाबूलाल, जनताराम, रामनाथ, सोनाराम, रामसागर, दशराराम, हरिलाल, महेश, धरमलाल, रामप्रसाद, मनीष, सूतीराम, छेदी, राधेश्याम, सुशील, इन्द्र, जगदीश, गजेंद्र, रामविलास, कौशिल, धनसिंह, दुर्गा, मनाराम, जवाहर, रामनारायण, रामचरण, कमलेश और टेकराम शामिल है।

इनका कहना हैं…

लगातार वन विभाग द्वारा हाथियों पर नजर बनाए रखें हुए है, किसानों द्वारा फसल नुकसान होने की समस्या बताया गया है, जिसपर वन विभाग आकलन कर नियमानुसार मुआवजा राशि देगा। लेकिन हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने की दिशा पर भी पहल किया जा रहा है।

अनिल वर्मा
एसडीओ, उपवनमंल कसडोल

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