संयुक्त जिला स्तरीय अधिवेशन में प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक नई जिम्मेदारियां, सावित्री बंजारे बनीं जांजगीर-चांपा जिलाध्यक्ष

{Pankaj Kurre}

जांजगीर-चांपा | अखिल भारतीय सतनामी महासभा का संयुक्त जिला स्तरीय अधिवेशन 27 सितंबर 2026 को जांजगीर-चांपा में आयोजित किया गया। अधिवेशन में महासभा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ अंचल के बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु वंदना एवं आरती गायन के साथ हुई।


अधिवेशन के दौरान अखिल भारतीय सतनामी महिला प्रकोष्ठ का प्रदेश एवं जिला स्तर पर विस्तार किया गया। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ राजमहंत दशेराम खांडे ने राष्ट्रीय महिला सचिव एवं प्रदेश महिला प्रकोष्ठ प्रभारी सुश्री राजकुमारी डहरिया की अनुशंसा पर विभिन्न पदों पर महिला पदाधिकारियों का मनोनयन किया।

इसमें श्रीमती विमला भास्कर को प्रदेश महिला अध्यक्ष बनाया गया। वहीं श्रीमती रत्ना प्रिय अनंत एवं श्रीमती रमा मिरी को प्रदेश उपाध्यक्ष तथा श्रीमती आशीष रात्रे को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी दी गई। श्रीमती सावित्री बंजारे को जांजगीर जिला अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इसके अलावा श्रीमती क्रांति खुंटे निराला को बलौदाबाजार जिला अध्यक्ष तथा श्रीमती राजेश्वरी आदिले को कोरबा जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।


महिला प्रकोष्ठ में श्रीमती निशा भारती, श्रीमती ललिता डहरिया एवं श्रीमती रागिनी दिव्य को उपाध्यक्ष, श्रीमती नीलिमा अनंत को कोरबा जिला सचिव तथा श्रीमती तिजमत टंडन को ब्लॉक कोरबा अध्यक्ष बनाया गया। राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ में श्रीमती चंदेश्वरी बांधे, पार्षद भिलाई को मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई। सभी नवमनोनीत पदाधिकारियों का फूलमाला पहनाकर सम्मान किया गया।

गुरु घासीदास के वचनों को जीवन में उतारने का आह्वान

अधिवेशन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ राजमहंत दशेराम खांडे ने सतनामी समाज को गुरु परंपरा से जुड़े रहने तथा गुरु घासीदास जी के वचनों का आचरण करने का आह्वान किया।

महासभा के महासचिव राजमहंत पी.एल. कोसरिया ने संगठन की संरचना एवं उद्देश्यों की जानकारी दी। उपाध्यक्ष राजेश्वर भार्गव ने सतनामी समाज के इतिहास, सोलहवीं शताब्दी से वर्तमान तक की गतिविधियों तथा गुरु वंशजों की भूमिका पर प्रकाश डाला।

मीडिया प्रभारी राजमहंत पी.के. घृतलहरे ने सतनाम अभिवादन की व्याख्या करते हुए कविता के माध्यम से समाजजनों को गुरु वचनों को आत्मसात करने का संदेश दिया।

राष्ट्रीय पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में समाजजन रहे मौजूद

कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष राजमहंत दशेराम खांडे, उपाध्यक्ष एवं सलाहकार राजमहंत राजेश्वर भार्गव, राजमहंत सी.आर. टंडन, महासचिव राजमहंत पी.एल. कोसरिया, सचिव जे.पी. कोशले, कोषाध्यक्ष राजमहंत लालचंद मोहले, मीडिया प्रभारी राजमहंत पी.के. घृतलहरे, राष्ट्रीय महिला सचिव सुश्री राजकुमारी डहरिया सहित राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अलावा राजमहंत रामचंद्र पाटले, राजमहंत राजनारायण निराला, राजमहंत भुलाऊं कुर्रे, महंत खड़बदन कुर्रे, राजमहंत शांतिलाल खरे, रामदास जांगड़े, जिला महंत धरमदास खांडे, जिला महंत टीकम सिंह, हरगोविंद माहेश्वरी, पुकराम कुर्रे, ईश्वरी खुंटे सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

आयोजन को सफल बनाने में अजय भारद्वाज, धनसाय बंजारे, गच्छराम बघेल, गंगाराम लहरे, प्रेमदास, खड़बदन कुर्रे, लोकनाथ, गज्जू रात्रे, किशोर बर्मन एवं गोविंद भंडारी सहित आयोजन समिति के सदस्यों की भूमिका रही। मंच संचालन लम्बोदर भारद्वाज ने किया। अधिवेशन में अंचल से बड़ी संख्या में सतनामी समाज के महिला एवं पुरुष शामिल हुए।

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