स्कूल परिसर में राखड़ का खेल जारी! समतलीकरण के नाम पर हज़ारों टन राखड़ डंपिंग

{Pankaj Kurre}

पामगढ़ । जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मुलमुला के शासकीय स्कूल परिसर में राखड़ डंपिंग का मामला एक बार फिर सामने आया है। आरोप है कि पिछले करीब एक माह से स्कूल परिसर में समतलीकरण के नाम पर प्रदूषित राखड़ यानी फ्लाई ऐश डाली जा रही है। परिसर में लगातार राखड़ का ढेर बढ़ने के साथ ही बड़ी-बड़ी डंपर गाड़ियों और जेसीबी मशीनों से काम कराया जा रहा है, जबकि इसी दौरान स्कूल में बच्चों की कक्षाएं भी संचालित हो रही हैं।


14 सितंबर को भी उठे थे सुरक्षा को लेकर सवाल

इस मामले को लेकर 14 सितंबर को हमारे चैनल के माध्यम से खबर प्रसारित की गई थी, जिसमें स्कूल परिसर में बड़ी-बड़ी डंपर गाड़ियों और जेसीबी मशीनों के जरिए राखड़ डालकर समतलीकरण किए जाने का मामला सामने लाया गया था। उस समय भी सवाल उठाया गया था कि जब स्कूल का संचालन जारी है और परिसर में बच्चे मौजूद हैं, तब भारी वाहनों और मशीनों के बीच किसी हादसे की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी।


इसके बावजूद अब भी स्कूल परिसर में राखड़ डंपिंग और समतलीकरण का काम जारी होने की बात सामने आ रही है।

मुलमुला के शासकीय हाई स्कूल, प्राथमिक शाला और मिडिल स्कूल परिसर में राखड़ का उपयोग समतलीकरण के लिए किए जाने की बात कही जा रही है। फ्लाई ऐश के महीन कण हवा में फैलने की स्थिति में स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका रहती है। ऐसे में स्कूल परिसर में बड़ी मात्रा में राखड़ डंप किए जाने को लेकर बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्कूल में नियमित कक्षाएं संचालित होने के दौरान भारी डंपर और जेसीबी मशीनें परिसर में चल रही हैं, तो बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?

मामले को लेकर स्कूल की प्राचार्य से जब सवाल किया गया कि यदि स्कूल परिसर में काम के दौरान किसी बच्चे के साथ दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, तो उन्होंने कथित तौर पर इसे स्कूल की जिम्मेदारी मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह पंचायत का काम है।

प्राचार्य के इस जवाब के बाद यह सवाल और महत्वपूर्ण हो जाता है कि स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? यदि काम पंचायत द्वारा कराया जा रहा है, तो स्कूल संचालन के दौरान निर्माण एवं समतलीकरण कार्य को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की गई?

वहीं ग्राम पंचायत मुलमुला के सरपंच ने बताया कि स्कूल की मांग के आधार पर परिसर में यह कार्य कराया जा रहा है। हालांकि, काम के दौरान किसी संभावित दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी, इस पर स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है।

अब सवाल यह है कि स्कूल परिसर में राखड़ डंपिंग और भारी मशीनों के संचालन की अनुमति किस आधार पर दी गई, राखड़ की मात्रा कितनी है और बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या ठोस व्यवस्था की गई है? इन सवालों पर संबंधित विभाग और प्रशासन की स्पष्टता जरूरी है।

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