ससहा में भव्य भोजली उत्सव एवं प्रतियोगिता का आयोजन, लोक संस्कृति की दिखी मनमोहक झलक

{Pankaj Kurre}

ससहा | ग्राम ससहा, जनपद पंचायत पामगढ़, जिला जांजगीर-चांपा में 29 अगस्त 2026 को छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपरा एवं सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से भव्य भोजली उत्सव एवं भोजली प्रतियोगिता का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं, बालिकाओं एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।


कार्यक्रम में महिलाओं एवं बालिकाओं ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर सिर पर सुसज्जित भोजली लेकर सहभागिता की। भोजली गीतों, पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं लोक संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को आकर्षक और गरिमामय बना दिया। कार्यक्रम स्थल पर ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण भीड़ देखने को मिली।


भोजली प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने दिखाया हुनर

आयोजित भोजली प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार कविता पैंकरा एवं समूह, द्वितीय पुरस्कार नैना केंवट एवं समूह, तृतीय पुरस्कार रजनी साहू एवं समूह, चतुर्थ पुरस्कार ज्योति वैष्णव एवं समूह तथा पंचम पुरस्कार सुरुचि पैंकरा एवं समूह को प्रदान किया गया। वहीं प्रतियोगिता में शामिल अन्य सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

लीलागर नदी तट पर हुआ भोजली विसर्जन

भोजली विसर्जन के अवसर पर ग्रामवासियों ने पारंपरिक विधि-विधान एवं रीति-रिवाजों के साथ लीलागर नदी तट स्थित निर्मला घाट पहुंचकर भोजली का विसर्जन किया। इस दौरान लोगों ने आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को संरक्षित रखने का संदेश दिया।

आयोजन का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की लोकपरंपराओं, संस्कृति एवं सामाजिक मूल्यों से जोड़ना तथा पारंपरिक तीज-त्योहारों और लोक उत्सवों के संरक्षण को बढ़ावा देना रहा। भोजली उत्सव के माध्यम से ग्रामीणों ने अपनी संस्कृति और परंपरा के प्रति जुड़ाव को भी प्रदर्शित किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों, पंचगण, महिला समूहों, युवा साथियों एवं समस्त ग्रामवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उत्सव के सफल आयोजन को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।

इन्हें भी पढ़े