बिना लाइसेंस संचालित लाल ईंट भट्ठों पर प्रशासन मौन
(दीपक देवदास)
गुरुर । गुरुर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम भरदा, छेड़िया, सनौद, बोहारा डोटोपार कोसागोदी, कुलिया कनेरी भेजा नवागांव डोकला बालोदगहन पेरपार पलारी मोखा पेंडरवानी कंवर दियाबाती खर्रा सहित आसपास के अन्य ग्रामों में बिना वैध लाइसेंस (LICENSE) संचालित लाल ईंट (BRICK) भट्ठों का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इन भट्ठों के संचालन से पर्यावरण (ENVIRONMENT) को गंभीर क्षति पहुंच रही है तथा किसानों की उपजाऊ भूमि (LAND) भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, भट्ठों में बड़े पैमाने पर मिट्टी (SOIL) की खुदाई की जा रही है, जिससे खेतों की उर्वरता (FERTILITY) कम हो रही है। साथ ही भट्ठों से निकलने वाला धुआं व प्रदूषण (SMOKE AND POLLUTION) आसपास के गांवों के वातावरण को दूषित कर रहा है। इससे फसलों की पैदावार, पशुधन और लोगों के स्वास्थ्य (HEALTH) पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
वन संपदा (FOREST WEALTH) को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ईंट पकाने के लिए बड़ी मात्रा में लकड़ी (WOOD) एवं अन्य ईंधन के उपयोग से हरित क्षेत्र (GREEN AREA) प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई भट्ठे बिना आवश्यक पर्यावरणीय अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृति के संचालित किए जा रहे हैं, बावजूद इसके संबंधित विभाग मौन है।
इस संबंध में जब बिजली विभाग (ELECTRICITY DEPARTMENT) के अधिकारी से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि टेम्परी कलेक्शन ईट भट्टो द्वारा ली जाती है “रशीद लेकर ही बिजली कनेक्शन दिया जाता है और नियमित रूप से बिल की पटाई की जाती है।”
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बिना लाइसेंस संचालित ईंट भट्ठों की जांच कर तत्काल कार्रवाई की जाए तथा पर्यावरण संरक्षण एवं किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।









