धान उपार्जन में लापरवाही पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, नोडल अधिकारी पटवारी निलंबित
(रौनक साहू)
सक्ती। शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील धान उपार्जन कार्य के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता अथवा मनमानी को जिला प्रशासन सक्ती द्वारा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन पर एक पटवारी के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। बता दे कि पटवारी विशेश्वर सिंह सिदार को धान उपार्जन केन्द्र भोथिया का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। उन्हें शासन की इस महत्वाकांक्षी कार्य के सफल संचालन हेतु पूर्ण जवाबदेही के साथ कार्य करना था, किंतु संबंधित कर्मचारी द्वारा अपने पदीय दायित्वों की अवहेलना की गई। कलेक्टर द्वारा टोकन सत्यापन के संबंध में आज आयोजित अतिआवश्यक समीक्षा बैठक में पटवारी विशेश्वर सिंह सिदार बिना किसी सूचना एवं अनुमति के अनुपस्थित रहे। यह कृत्य न केवल गंभीर अनुशासनहीनता है, बल्कि शासन के कार्यों के प्रति घोर उदासीनता और स्वेच्छाचारिता है। उनकी गैर-जिम्मेदाराना अनुपस्थिति के कारण शासन की महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुआ। यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि संबंधित पटवारी द्वारा धान उपार्जन केन्द्र भोथिया के कार्यों में भी लगातार लापरवाही बरती जा रही थी।

शासन द्वारा सौंपे गए उत्तरदायित्वों के प्रति इस प्रकार का रवैया प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर करने वाला एवं किसानों के हितों के प्रतिकूल पाया गया। उक्त कदाचार को देखते हुए पटवारी विशेश्वर सिंह सिदार को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय भोथिया निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने कहा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही, मनमानी या आदेशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

