Ambikapur: पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर अहम बयान दिया है। विस्तार न्यूज़ से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि नए पदाधिकारियों को अपनी टीम को मजबूत बनाना होगा, क्योंकि मजबूत टीम ही विपक्ष में संघर्ष की नींव होती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह ज़िम्मेदारी कांग्रेस के सत्ता से बाहर रहने के समय मिली है, इसलिए जिला अध्यक्षों को सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना बेहद ज़रूरी है।
अमरजीत भगत ने कार्यकर्ताओं के बीच मौजूद व्यक्तिगत शिकवा-शिकायत को दूर करने की सलाह भी दी। उनके अनुसार, नए साल में नई ऊर्जा और सकारात्मक माहौल के साथ काम करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि जिला अध्यक्ष बनने की दौड़ में जो दावेदार पीछे रह गए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। उनका मानना है कि राजनीति में अवसर कभी खत्म नहीं होते, बस अच्छे काम और धैर्य के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि दोनों ही उनके नेता हैं। उन्होंने कहा कि किस नेता के समर्थकों को अधिक जिम्मेदारी मिली, यह मायने नहीं रखता। असली मायने यह है कि सभी नए जिला अध्यक्ष कांग्रेस संगठन को मज़बूत करने के लिए काम करेंगे।
धान खरीदी के मुद्दे पर अमरजीत भगत ने किसानों की परेशानी सामने रखी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता है, लेकिन कई किसान पंजीयन और गिरदावरी की गड़बड़ियों के कारण अपनी धान बेचने में परेशान हैं। भगत ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानों को राहत नहीं मिली, तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सरकार को चेताने का काम करेगी।