अमरकंटक लोक से पवित्र नगरी का निखरेगा स्वरुप — कलेक्टर हर्षल पंचोली

सतपुड़ा एडवेंचर, वायु सेवा सहित बहुत सी योजनाओं पर हो रहा काम

अनूपपुर / नर्मदा जी के पवित्र उद्गम नगर अमरकंटक में सतपुड़ा एडवेंचर , ट्रैकिंग, पी एम वायु  समेत बहुत सी योजनाओं पर काम चल रहा है। यदि सब कुछ तय योजनाओं और निर्धारित समय पर कुशलता पूर्वक हो गया तो आने वाले वर्षों में देश के धार्मिक – पर्यटन नक्शे पर अमरकंटक की पहचान बहुत तेजी से स्थापित होने वाली है। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने अनौपचारिक वार्ता के दौरान उपरोक्त टिप्पणी करते हुए प्रमुख बिन्दुओं पर अपने विचार व्यक्त किये।
स्वच्छ नर्मदा हमारी पहली प्राथमिकता —
पंचोली ने पूछे गये सवालों के जवाब में कहा कि अमरकंटक से बहने वाली नर्मदा जी की स्वच्छता हमारी पहली प्राथमिकता है‌ । नर्मदा जी को स्वच्छ रखने के लिये एसटीपी पर काम किया गया है। यह पूर्ण हो चुका है। कुछ स्थानों पर अभी कार्य किया जाना है ,जिसके लिये एमपीयूडीसी को पत्र लिख कर शीघ्र पूरा करवाने को कहा गया है। एजेंसी को अंतिम भुगतान नहीं किया गया है‌ । वह कार्य पूरा होने के बाद ही किया जाएगा।

अमरकंटक लोक का कार्य शीघ्र —
श्री पंचोली ने बतलाया कि अमरकंटक लोक के निर्माण से पवित्र नगर का स्वरुप आकर्षक हो जाएगा। शीघ्र ही इस योजना पर कार्य प्रारंभ होगा। उन्होंने बतलाया कि मैकल पार्क और सतपुड़ा एडवेंचर प्लान के माध्यम से यहाँ पर्यटकों को आकर्षित करने वाली योजनाएँ शुरु की जाएंगी । अमरकंटक लोक का कार्य शुरु होने पर ट्रैफिक व्यवस्था में आमूल – चूल परिवर्तन होगा। मन्दिर के आसपास की दुकानों को वहाँ से हटाकर अन्यत्र व्यवस्थित किया जाएगा। शंभूधारा से कपिलधारा तक ट्रैकिंग की व्यवस्था होगी । मुख्य मन्दिर के बाहर एक म्यूजियम का निर्माण किया जाएगा। जहाँ जिले की बहुत सी एतिहासिक, धार्मिक धरोहरों को प्रदर्शनी के लिये रखने की योजना है‌ । अमरकंटक से जुड़े सभी दर्शनीय स्थलों को दुर्लभ दर्शन योजना के तहत एक उपकरण के माध्यम से एक ही स्थान पर बैठ कर प्रदर्शित करने की योजना पर कार्य चल रहा है।

अमरकंटक – भोपाल सीधी वायुसेवा —
अमरकंटक में हैलीपैड की जरुरत और इससे जुडी कथाओं की चर्चा करते हुए अमरकंटक के लिये सीधी वायुसेवा बावत प्रश्न किये जाने पर कलेक्टर श्री पंचोली ने बतलाया कि भोपाल से अमरकंटक सीधी वायु सेवा हेतु पीएम श्री वायुसेवा की योजना पर कार्य किया जा रहा है। लोग अमरकंटक तक कम समय में सीधे पहुंच सकें और उन्हे यहाँ विश्व स्तरीय सुविधाएँ मिल सकें ,इस हेतु हेली सेवा और पोंडकी के आसपास सर्व सुविधायुक्त होटलों के निर्माण पर काम करना होगा। अमरकंटक में लोगों को इनवेस्टमेंट के लिये तैयार करना बडी चुनौती है।
अमरकंटक में मई से नवम्बर के मध्य यहाँ श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या जब अधिक होती है तो टैक्सी और होटल मालिकों द्वारा मनमाने तरीके से कीमत वसूली जाती है। इस पर नियंत्रण के लिये शीघ्र ही इनके एसोसिएशन के साथ प्रशासन बैठक करेगा।

मेडीकल कालेज हेतु स्थल चयन पर विचार —

विगत दिवस मुख्यमंत्री डा मोहन यादव के अनूपपुर आगमन के दौरान मेडिकल , इंजीनियरिंग, कृषि महाविद्यालय के लिये स्थल चयन के मुद्दे पर चर्चा गर्म थी। क्या इस पर कोई पहल हुई है , इससे जुड़े प्रश्न के जवाब में कलेक्टर श्री पंचोली ने कहा कि अभी तक उन्हे जमीन हेतु कुलपति, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय ,अमरकंटक से कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। यदि वो ऐसी कोई मांग करते हैं ,तो हम जरुर उस पर विचार करेंगे।
40-50 वर्ष पुराने जर्जर शासकीय भवन होंगे डिसमेंटल —
जिला मुख्यालय में बहुत से शासकीय कार्यालयों के भवन 40-50 साल पुराने हैं । क्या इनके लिये नये भवनों की कोई योजना है । इसके उत्तर में उन्होंने कहा कि हमने आज ही बैठक में इस पर चर्चा की है और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये है।

अनूपपुर में बनेगा भव्य आडीटोरियम —
जिला मुख्यालय में 1000 – 1500 या अधिक व्यक्तियों की क्षमता वाला बेहतरीन आडीटोरियम बनाया जाएगा। जिसमें विभिन्न सामाजिक गतिविधियां सरलता से हो सकेगीं। अभी जिला मुख्यालय में एक भी आडीटोरियम नहीं है। यह मुख्यमंत्री डा मोहन यादव द्वारा घोषित गीता भवन से अलग होगा। नये बस स्टैण्ड के निर्माण की तैयारी चल रही है। रेलवे ओव्हर ब्रिज , जिला अस्पताल और बायपास मार्ग का निर्माण शीघ्र पूरा हो जाएगा। उन्होंने माना कि अनूपपुर जिला मुख्यालय का स्वरुप बदलना बड़ी चुनौती है। लेकिन जनभागीदारी से इस पर कार्य किया जाएगा।
छात्रों की समस्या पर देगें ध्यान — जूनियर अनुसूचित जाति छात्रावास क्रमांक 3 के सैकड़ों बच्चे प्रति दिन लगभग पांच किमी पैदल चल कर वार्ड क्रमांक 13 में बने विद्यालय में पैदल जाते हैं। इसमें उन्हे समय , श्रम , उर्जा सबकी दिक्कत होती है और वे यातायात संबधी खतरे का सामना भी करते हैं ‌। कलेक्टर के संज्ञान में यह विषय लाए जाने पर उन्होंने कहा कि मैं परीक्षण करवा लेता हूं कि क्या उनके लिये बस की व्यवस्था हो सकती है।‌
टीसीपीसी को पुन: शुरु करने पर विचार–
कलेक्टर श्री पंचोली ने अमरकंटक स्थित ट्रेनिंग कम प्रोडक्शन सेंटर को मन्दिर के प्रसाद योजना से जोडने की बात कही है। इसके माध्यम से अमरकंटक की पहचान स्थापित होने और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।






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