बगार बांध जर्जर, सिंचाई की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण, मरम्मत की मांग

(नीलेश कुमार शर्मा)
KASDOL NEWS। जिले के कसडोल विकासखंड के ग्राम पंचायत बगार में स्थित बांध विगत 20 वर्षों से टूट चुका है। बांध में पानी नहीं होने से बगार गांव के अलावा आसपास के गांव पानी की समस्या से प्रभावित हो रहा है। बांध में पानी की ठहराव नहीं होने से खेतों में पानी की समुचित व्यवस्था नहीं हो पा रहा है जिसको लेकर खबर शतक न्यूज के माध्यम से ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, क्षेत्रीय विधायक और जल संसाधन विभाग से बांध को जल्द ठीक करने की मांग किया है, आपको बता दे कि मध्यप्रदेश शासन काल में ग्राम पंचायत बगार में बांध का निर्माण कराया गया था वहीं जब से मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ राज्य अलग हुआ तब से बगार बांध फुट चुका है जिससे वर्षा का पानी नहीं रुकता। जिसके कारण आस पास के ग्रामीणों को खेतों में सिंचाई करने में परेशानी होता है कुछ वर्ष पहले ग्रामीणों ने स्वयं के पैसों से अस्थाई तरीके से श्रमदान करके बांध को ठीक किया गया था लेकिन भारी बारिश होने से अब फूट चुका है, अब ग्रामीण पानी की बंद बूंद के लिए तरस रहे हैं क्योंकि इस वर्ष कसडोल क्षेत्र में कम बारिश होने के कारण किसानों को अभी तक पर्याप्त पानी नही मिल सका है। जिसके चलते ग्रामीणों के खेतों में पानी नहीं हैं जिसके वजह से खेतों में दरारें पड़ चुकी है यदि बांध का पानी या बारिश नहीं होता तो बगार गांव के अलावा पूरे क्षेत्रवासियों को अकाल जैसे हालतों से गुजरना पड़ेगा। कसडोल विकासखंड में एक मात्र बलार जलाशय है जिससे पूरे क्षेत्र में अकाल जैसे हालत में किसानों को पानी दिया जाता है। मगर ग्राम पंचायत बगार में नहर की भी व्यवस्था नहीं है। अब
ग्रामीण रेशम लाल, मिठाई लाल, ऊनी बाई, रामेश्वरी सहित ग्राम के तमाम ग्रामीण सरकार और जल संसाधन विभाग से बगार बांध को ठीक कराने की मांग कर रहे हैं।
इनका कहना है।
मुझे इसकी जानकारी नही है, आप एसडीओ पैकरा जी से बात कर लीजिए।
संतोष कुमार भदौरिया
कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन उपसंभाग, कसडोल
उक्त बांध ग्राम पंचायत के अधीन है, पूर्व में स्टीमेट बनाया गया था लेकिन स्वीकृति हो नही पाया है, इसलिए सुधार और मरम्मत नही पाया है, पुनः स्टीमेट बनाकर भेजा जायेगा।
सुरेश पैकरा
एसडीओ, कसडोल