छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव हरप्रसाद साहू का बयान: किसानों, बेरोजगारों और मजदूर वर्ग को सिर्फ लॉलीपॉप

(पंकज कुर्रे)

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव हरप्रसाद साहू ने राज्य सरकार के हालिया बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे “नाम बड़े और दर्शन छोटे” वाली कहावत को चरितार्थ करने वाला बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट किसानों, बेरोजगार युवाओं और मजदूर वर्ग की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता, बल्कि केवल लोकलुभावन घोषणाओं तक सीमित है।

हरप्रसाद साहू ने कहा कि प्रदेश की सबसे बड़ी आवश्यकता रोजगार सृजन है, लेकिन बजट में युवाओं के लिए ठोस रोजगार नीति या बड़े स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने का कोई स्पष्ट प्रावधान नजर नहीं आता। उन्होंने आरोप लगाया कि बेरोजगार युवाओं को केवल आश्वासन दिया गया है, जबकि स्थायी समाधान की दिशा में सरकार गंभीर नहीं दिख रही है।

उन्होंने मजदूर वर्ग और किसानों की उपेक्षा का भी आरोप लगाते हुए कहा कि महंगाई और आर्थिक संकट के दौर में इन वर्गों को सीधा लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं की आवश्यकता थी, लेकिन बजट में ऐसा कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। तीर्थाटन जैसी योजनाओं को उन्होंने “छलावा” बताते हुए कहा कि जब तक आमजन आर्थिक रूप से सशक्त नहीं होंगे, तब तक ऐसी योजनाओं का कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल सकता।

साहू ने कहा कि यदि प्रदेश की जनता आर्थिक रूप से मजबूत होगी, तो वे स्वयं अपने परिवार के साथ तीर्थ यात्रा कर सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि महतारी वंदन योजना की वास्तविकता अब जनता के सामने आ चुकी है और लोग अब लोकलुभावन घोषणाओं और बजट की सच्चाई को समझने लगे हैं।

अंत में हरप्रसाद साहू ने बजट को जनविरोधी बताते हुए कहा कि सरकार को चाहिए था कि वह किसानों की आय बढ़ाने, मजदूरों के हितों की रक्षा करने और युवाओं के लिए रोजगार के ठोस अवसर उपलब्ध कराने पर प्राथमिकता से कार्य करती।