जल जीवन मिशन पर कलेक्टर का सख्त रुख: लापरवाह ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट, हर घर तक नियमित पानी पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता
(पंकज कुर्रे)
जांजगीर-चांपा । जिले में जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और हर घर तक नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन समिति की बैठक में कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जिलेभर में संचालित जल जीवन मिशन के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों और ठेकेदारों को स्पष्ट चेतावनी दी कि कार्यों में लापरवाही या अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जल जीवन मिशन केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के जीवन स्तर को सुधारने का महत्वपूर्ण अभियान है। प्रत्येक घर तक स्वच्छ और नियमित पेयजल पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय और गंभीरता के साथ कार्य करना होगा।
सरपंचों से जानी जमीनी हकीकत
बैठक में मौजूद ग्राम पंचायतों के सरपंचों से कलेक्टर ने सीधे गांवों की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने घरों तक पानी पहुंचने की स्थिति, सप्लाई का समय, पाइपलाइन संचालन और हितग्राहियों से लिए जा रहे शुल्क के बारे में विस्तार से चर्चा की। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीणों से प्राप्त शुल्क राशि का उपयोग पारदर्शिता के साथ योजना के रखरखाव, मरम्मत और बिजली बिल भुगतान में किया जाना चाहिए, ताकि योजनाएं लंबे समय तक सुचारु रूप से चलती रहें।
मोटर पंप उपयोग पर सख्ती के निर्देश
ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ परिवारों द्वारा अवैध रूप से मोटर पंप लगाकर अधिक पानी खींचने की शिकायतों पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इससे अन्य परिवारों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता और पूरी व्यवस्था प्रभावित होती है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों को जागरूक किया जाए तथा अनियमित रूप से मोटर पंप का उपयोग करने वालों पर कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
फील्ड विजिट कर समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने अधिकारियों को नियमित फील्ड निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन परिवारों तक पेयजल नहीं पहुंच रहा है, उनकी समस्या की जमीनी स्तर पर जांच कर तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि कागजी समीक्षा से ज्यादा जरूरी है कि अधिकारी गांवों में जाकर वास्तविक स्थिति देखें और समस्याओं का मौके पर निराकरण करें।
स्कूल, छात्रावास और आंगनबाड़ी में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा
बैठक में स्कूलों, छात्रावासों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बच्चों और महिलाओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सुधार कार्य तत्काल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील संस्थानों में पानी की कमी या खराब गुणवत्ता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।
जल संरक्षण और वृक्षारोपण पर विशेष जोर
कलेक्टर ने जल संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए गांव-गांव में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोख्ता गड्ढों, वाटर रिचार्ज संरचनाओं और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने की जरूरत है। साथ ही अधिक से अधिक वृक्षारोपण अभियान चलाकर जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
अपूर्ण कार्यों पर नाराजगी, ठेकेदारों को चेतावनी
जल जीवन मिशन अंतर्गत अपूर्ण और प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कई स्थानों पर धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में पूर्ण कराए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जो ठेकेदार समय पर कार्य प्रारंभ नहीं कर रहे हैं या अनावश्यक विलंब कर रहे हैं, उनके खिलाफ एग्रीमेंट निरस्त करने और ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाए।
बैठक में कार्यपालन अभियंता आदित्य प्रताप, विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच तथा संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


