“लौट आओ… वरना बहुत देर हो जाएगी”, गरियाबंद के जंगलों से नक्सलियों को परिजनों की भावुक पुकार….

(रौनक साहू)

गरियाबंद। जिले के जंगलों में सक्रिय नक्सलियों को लेकर एक भावुक वीडियो सामने आया है। तेलुगु और गोंडी भाषा में जारी इस वीडियो में 8 लाख की इनामी नक्सली कमांडर ऊषा उर्फ संगीता और बलदेव उर्फ बामन से उनके परिजनों ने हथियार छोड़कर घर लौटने की अपील की है, वीडियो में ऊषा की बूढ़ी मां की सिसकियां और भाई की हाथ जोड़कर की गई गुहार दिल को झकझोर देने वाली है—

“ऊषा, अब लौट आओ… मां इंतजार कर रही है”

वहीं बलदेव के परिजनों ने भी साफ कहा है— “अब भी वक्त है, वरना अंजाम खतरनाक हो सकता है।”

इस अपील को बल तब मिला जब हाल ही में सरेंडर कर चुके 24 लाख के इनामी पूर्व नक्सलियों ने भी सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ लेने और मुख्यधारा में लौटने का संदेश दिया

गौरतलब है कि सरकार ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन तय की है। बस्तर से गरियाबंद तक सुरक्षाबल लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं। ऐसे में यह भावुक अपील सिर्फ सरेंडर की नहीं, बल्कि एक परिवार के फिर से मिलने की आखिरी उम्मीद बन गई है…






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