क्रेडा के 560 क्लस्टर टेक्नीशियनों को राहत की उम्मीद, 15 दिनों में सेवा बहाली का भरोसा

रायपुर। छत्तीसगढ़ क्रेडा क्लस्टर जन कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष पंकज टिकरीहा ने जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (CREDA) में पिछले लगभग 12 वर्षों से कार्यरत 560 सेवाकर्ता इकाइयाँ (क्लस्टर टेक्नीशियन) अब अपनी सेवा बहाली को लेकर आशान्वित नजर आ रहे हैं। 1 अप्रैल 2026 से सेवाएं बंद होने के बाद इन तकनीशियनों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया था, लेकिन अब विभागीय स्तर पर सकारात्मक पहल से राहत की उम्मीद जगी है।

इसी कड़ी में 15 अप्रैल 2026 को प्रदेश भर के क्लस्टर टेक्नीशियनों द्वारा रायपुर स्थित प्रधान कार्यालय में एक दिवसीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी जिलों से बड़ी संख्या में तकनीशियन शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य सेवा समाप्ति के कारणों की जानकारी लेना और आगे की रणनीति तय करना था। बैठक के दौरान 5 सदस्यीय समिति का गठन किया गया, जिसने प्रतिनिधिमंडल के रूप में क्रेडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश राणा एवं अध्यक्ष भूपेंद्र सवानी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार 1 अप्रैल 2026 से श्रम अधिनियम लागू किया गया है, जिसके तहत क्लस्टर टेक्नीशियनों को केंद्र एवं राज्य शासन के नियमों के अंतर्गत लाने की प्रक्रिया जारी है। नए नियमों के निर्धारण में विलंब के कारण सेवाओं को अस्थायी रूप से रोका गया है।

विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया कि तकनीशियनों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 9 सदस्यीय समन्वय समिति का गठन किया गया है। यह समिति आगामी 15 दिनों के भीतर आवश्यक निर्णय लेकर नियमों को अंतिम रूप देगी। इसके बाद सभी क्लस्टर टेक्नीशियनों को पुनः कार्य में लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संभावना है कि 1 मई 2026 से सेवाएं पुनः प्रारंभ हो सकती हैं।

बैठक में यह भी सहमति बनी कि पूर्व में लागू त्रुटिपूर्ण नियमों को समाप्त कर तकनीशियनों को श्रम अधिनियम के तहत नियमित प्रक्रिया में लाया जाएगा, जिससे उन्हें कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) सहित अन्य शासकीय लाभ प्राप्त हो सकें। इस संबंध में विभाग द्वारा पत्र जारी किया जा चुका है और नोटशीट प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है। क्रेडा के प्रशासनिक अधिकारियों—कार्यपालन अभियंता संतोष ध्रुव, निखिल गर्ग एवं अधीक्षण अभियंता जे.एन. बैगा—ने भी लिखित रूप में 15 दिनों का समय मांगा है और तकनीशियनों के हितों की रक्षा का भरोसा दिलाया है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समयसीमा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तो क्लस्टर टेक्नीशियन शांतिपूर्ण आंदोलन या मुख्यालय घेराव करने के लिए स्वतंत्र होंगे।

अंत में प्रदेश अध्यक्ष पंकज टिकरीहा ने कहा कि संगठन सभी तकनीशियनों के हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ खड़ा है और यदि तय समयसीमा में सकारात्मक निर्णय नहीं आता है, तो आगे की रणनीति बनाकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।