खबर प्रकाशन के बावजूद नही बना सड़क, गिधौरी-शिवरीनारायण जर्जर मार्ग पर कैप्सुल में दबकर 12 वर्षीय मासुम की दर्दनाक मौत, आखिर जिम्मेदार कौन, शबरी सेतु में लगा घंटों जाम
(रौनक साहू)
कसडोल। रविवार को खबर शतक के द्वारा 45 दिन का वादा हवा-हवाई, गिधौरी-शिवरीनारायण मार्ग की हालत जर्जर शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया गया था लेकिन विभाग के गैर जिम्मेदार और बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे सहित कांग्रेस पार्टी की चक्काजाम का कोई असर नही हुआ। सड़क की जर्जर हालत जस की तस बनी हुई है, जबकि अभी शिवरीनारायण का माघी मेला खत्म हुआ। सैकडों वाहनों का ट्रैफिक और अब गिरौदपुरी मेला का जाम होने की सूचना बाउजूद न सड़क सुधरा न कोई मरम्मत हुई। इस पूरे मामले में गैर जिम्मेदार जिला प्रशासन, पीडब्ल्यूडी के अधिकारी सहित तमाम जिम्मेदार जिन्हें इस जर्जर सड़क की सुध नही लिया गया। जिससे रविवार को गिधौरी से शिवरीनारायण मार्ग पर तकरीबन 1 बजे काली मंदिर के पास दर्दनाक हादसा हो गया। जिसमें 12 वर्षीय मासुम की कैप्सूल ट्रक से कुचलकर दर्दनाक मौत हो गया। इधर इस दर्दनाक हादसे से क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है।

“लहू से लाल हुआ सड़क”
गिधौरी-शिवरीनारायण मुख्य मार्ग पर एक बार फिर लहू से लाल हो गया ।जर्जर और गड्ढों से भरी सडक और भारी वाहनों की अनियंत्रित तथा तेजरफ्तार कैप्सूल ट्रक क्र. सी जी 22एक्स 1164 से 12 वर्षीय बालक विवेक कुमार दिनकर पिता जीवन कुमार दिनकर ग्राम डोंगाकोहरौद की दबकर मौत हो गया। विवेक दिनकर अपने मोहन दिनकर के साथ ग्राम डोंगाकोहरौद से गिरौदपुरी मेला जा रहा था। इसी दौरान हादसा हो गया। इधर मृतक बालक के दादा मोहन दिनकर घायल हो गये थे जहां अस्पताल में ईलाज जारी है इधर घटना के बाद गिधौरी शिवरीनारायण मार्ग पर दोनो तरफ एवं महानदी शबरीसेतु पुल वाहनों की लम्बी जाम लग गया और आवागमन घंटों तक बाधित रहा। घटना की जानकारी शिवरीनारायण पुलिस को मिलते ही मौके पर पहुंचे और मासूम बालक की शव को एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। सड़क की बदहाली और लापरवाही ने उसके सपनों को हमेशा के लिए थाम दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क की हालत लंबे समय से अत्यंत खराब है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, उखड़ा हुआ डामर और धूलभरी सतह दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं। भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाह संचालन ने हालात को और भी खतरनाक बना दिया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है ।यह घटना केवल एक परिवार का निजी दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। एक मासूम की मौत ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते सड़क की मरम्मत, यातायात नियंत्रण और निगरानी की ठोस व्यवस्था की जाती। तो शायद रविवार को विवेक हमारे बीच होता। क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांगें शिवरीनारायण–गिधौरी मार्ग की तत्काल उच्च गुणवत्ता के साथ मरम्मत एवं पुनर्निर्माणभारी वाहनों की गति सीमा निर्धारित कर सख्त कार्रवाई। यातायात निगरानी और पुलिस पेट्रोलिंग जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए क्षेत्र में इस घटना को लेकर गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है।
“जिम्मेदारों पर दर्ज हो प्राथमिकी”
दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्रवासियों ने सड़क के जिम्मेदारो पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग किया है, क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस जर्जर सड़क की नया सड़क बनाने की मांग लगातार की जा रही है, लेकिन लोक निर्माण विभाग और सेतु निगम के अधिकारी जिस जिम्मेदारी से सुध लेना चाहिए। उस तरह से सुध नही लिया जा रहा है, लगातार जर्जर सड़क पर दुर्घटना हो रहा है, लेकिन जिला प्रशासन में बैठे गैर जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी और सेतु और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी केवल अपने पदों पर रहकर कमीशन लेकर नौकरी कर रहें है, इन्हें जनता जनार्दन से कोई लेना देना नही है तभी तो इतने प्रदर्शन के बाउजूद सड़क का निर्माण नही हो सका। इधर रविवार को हुए भिभत्स सड़क दुर्घटना पर गैर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग क्षेत्रवासियों ने किया है।
इनका कहना है…
सड़क पीडब्ल्यूडी पामगढ़ सब डिवीजन के अंतर्गत आता है, हमारे द्वारा उक्त सड़क का स्टीमेट बनाकर ईएनसी के पास भेजा जा चुका है, स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर कहाँ से होगा कसडोल या पामगढ़ पीडब्ल्यूडी के द्वारा बनाया जायेगा। यह बाद में डिसाइड होगा। तकरीबन 10 से 15 दिनों में होने की उम्मीद है।









