तुसमा गौठान में गौवंश पर टूटा कहर! दर्जनभर से अधिक गायों की मौत का आरोप, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल

(पंकज कुर्रे)

जांजगीर चांपा। चारा-पानी और इलाज के अभाव में गायों की मौत का ग्रामीणों ने लगाया आरोप, गौठान परिसर में दुर्गंध फैलने का दावा; प्रशासन से जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग नवागढ़ | जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम तुसमा के गौठान से गौवंश की बदहाल स्थिति का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौठान में उचित देखरेख और व्यवस्थाओं के अभाव में दर्जनभर से अधिक गायों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गायें बीमार और कमजोर हालत में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, गौठान में गायों के लिए नियमित चारा-पानी और समय पर पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इसी लापरवाही के चलते गायों की हालत लगातार बिगड़ती गई और कई पशुओं की मौत हो गई। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि गौठान परिसर में मृत पशुओं के कारण दुर्गंध फैल रही है, जिससे स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है।

सरपंच-सचिव और पशु विभाग की भूमिका पर सवाल

गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से संचालित गौठान में यदि पशुओं को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, तो यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव और पशु विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर गौठान में पशुओं की लगातार बिगड़ती हालत पर जिम्मेदारों का ध्यान क्यों नहीं गया?

प्रशासन से तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग

मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच टीम गठित कर गौठान का निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही मृत गायों की वास्तविक संख्या और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पशु चिकित्सा जांच एवं पोस्टमार्टम कराने की मांग उठाई है। बीमार गायों को तत्काल उपचार, पर्याप्त चारा और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के साथ ही जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।

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