धान नहीं बिकने से टूटे किसान टेकराम साहू, परिवार सहित आत्मदाह की चेतावनी पलारी सोसायटी में टोकन नहीं मिलने से किसानों का फूटा आक्रोश, समिति के गेट पर जड़ा ताला
(दीपक देवदास)
गुरुर। सेवा सहकारी समिति मर्यादित पलारी में धान खरीदी व्यवस्था की अव्यवस्थाओं ने किसानों को कगार पर ला खड़ा किया है। धान बिक्री के लिए टोकन नहीं मिलने से परेशान ग्राम बोहारा निवासी किसान टेकराम साहू (पिता सोनूराम साहू) ने अपने परिवारजनों के साथ
आत्मदाह की चेतावनी देकर प्रशासन और समाज को झकझोर दिया है।
किसान टेकराम साहू ने बताया कि उन्होंने 145 क्विंटल धान बिक्री के लिए पंजीयन कराया था, लेकिन लगातार प्रयासों के बावजूद उनका धान नहीं खरीदा गया। उन्होंने बताया कि समिति में उनका लगभग डेढ़ लाख रुपये का कर्ज बकाया है। पंजीयन में त्रुटि सुधार के लिए वे कई बार सोसायटी और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे, परंतु अंतिम समय तक सुधार नहीं हो पाया। इससे वे मानसिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं।
टेकराम साहू ने कहा कि यदि शीघ्र धान खरीदी की व्यवस्था नहीं की गई तो उनके पास परिवार सहित आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। उनकी इस चेतावनी से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
“सोसायटी में किसानों का विरोध, गेट पर जड़ा ताला”
धान खरीदी में अनियमितताओं और टोकन वितरण में लापरवाही के विरोध में आक्रोशित किसानों ने बुधवार को पलारी सोसायटी के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। किसानों का कहना है कि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
217 क्विंटल धान भी नहीं बिक पाया किसान विजय कुमार यदु का भी 217 क्विंटल धान अब तक नहीं बिक पाया है। उनके अलावा तेजराम साहू, जोहनी उमेन्द्र सिंह, रामसिंह, राधे, निहाल सिंह, जगदीश साहू, दुलीचंद निषाद, रविकांत साहू, राजकुमारी, त्रिवेणी, हीराबाई, रमला ठाकुर, मनभावतीन बाई, पुनु राम साहू, करण सिंह, राजिम बाई, बिसोनी बाई, ओमप्रकाश, झगरू राम सहित बड़ी संख्या में किसान धान बिक्री से वंचित हैं। कर्ज, बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता का आरोप किसानों का आरोप है कि धान खरीदी केंद्र में भारी अव्यवस्था है। पंजीयन सुधार की प्रक्रिया जटिल और समय लेने वाली है, जबकि टोकन वितरण में पारदर्शिता नहीं है। समय पर धान नहीं बिकने से किसानों पर कर्ज का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है और परिवार के भरण-पोषण की चिंता उन्हें मानसिक तनाव की ओर धकेल रही है।









