कबाड़ के जुगाड़ से बना डाली चार सीटर बैटरी कार, 10वीं पास हेमंत के हुनर की हो रही चर्चा

छह महीने की मेहनत में तैयार की कार, एक चार्ज में 120 किमी चलने का दावा


नवागढ़। अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो संसाधनों की कमी भी रास्ते में बाधा नहीं बनती। इसका उदाहरण नवागढ़ क्षेत्र के ग्राम कटौद निवासी 26 वर्षीय हेमंत कुमार केवट ने पेश किया है। हेमंत ने बिना किसी इंजीनियरिंग की पढ़ाई, तकनीकी डिग्री या डिप्लोमा के कबाड़ और उपलब्ध संसाधनों से चार सीटर बैटरी से चलने वाली कार तैयार कर दी है।हेमंत ने बताया कि जब वह करीब 14 वर्ष के थे, तब उन्होंने बच्चों के लिए बैटरी से चलने वाली छोटी कार देखी थी। तभी उनके मन में खुद ऐसी कार बनाने का विचार आया।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने भी उनके इस विचार को मजबूत किया। करीब 12 साल तक मन में संजोए इस सपने को उन्होंने आखिरकार पूरा करने की ठानी।इसके बाद हेमंत ने अलग-अलग कबाड़ और उपयोगी सामान जुटाकर कार बनाने का काम शुरू किया। करीब छह महीने की मेहनत के बाद चार सीटर बैटरी कार तैयार हुई। हेमंत के अनुसार, कार बनाने में अब तक करीब दो लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। हालांकि इसमें अभी कुछ काम बाकी है।एक बार चार्ज में 120 किमी चलने का दावा हेमंत के मुताबिक कार की बैटरी करीब ढाई घंटे में चार्ज होती है और पूरी तरह चार्ज होने पर यह करीब 120 किलोमीटर तक चल सकती है। कार की अधिकतम रफ्तार करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है।


चाउमिन बेचकर परिवार का पालन-पोषण हेमंत की जिंदगी भी इस कहानी को खास बनाती है। वह कोई बड़ी वर्कशॉप नहीं चलाते, बल्कि घर के सामने शाम के समय चाउमिन और मंचूरियन बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। इसी काम से समय निकालकर उन्होंने कार बनाने के अपने जुनून को पूरा किया। हेमंत शादीशुदा हैं और उनकी दो साल की बेटी है।इससे पहले भी हेमंत अपने हुनर से एक ट्रॉली बना चुके हैं। गांव में जब लोगों ने उनकी बनाई कार देखी तो वे भी हैरान रह गए। मोहल्ले के राजकुमार साहू सहित परिवार और ग्रामीणों ने हेमंत के हुनर व मेहनत की सराहना की।

इन्हें भी पढ़े