बोर्ड का बड़ा फैसला: 9वीं-11वीं की परीक्षाएं अब 10वीं-12वीं के साथ होंगी, समय पर आएंगे रिजल्ट

रायपुर. परीक्षा परिणामों में देरी रोकने और मूल्यांकन प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने अहम निर्णय लिया है। नए आदेश के तहत अब कक्षा 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं अलग से आयोजित नहीं होंगी, बल्कि 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षाओं के दौरान ही दूसरी पाली में कराई जाएंगी। यह निर्देश छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव पुष्पा साहू द्वारा जारी किया गया है।

माध्यमिक शिक्षा मंडल का कहना है कि इस बदलाव से शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी। हाईस्कूल (10वीं) और हायर सेकेंडरी (12वीं) की परीक्षाएं 20 फरवरी से 18 मार्च तक निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। इसके तुरंत बाद मूल्यांकन कार्य शुरू होगा।

प्रदेश में कुल 36 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जहां दो चरणों में—16 मार्च और 25 मार्च से—कॉपी जांच का काम शुरू किया जाएगा। मंडल ने 7 अप्रैल तक मूल्यांकन पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। पहले की योजना के अनुसार 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं 25 मार्च से 10 अप्रैल के बीच आयोजित होनी थीं। ऐसे में बड़ी संख्या में शिक्षक परीक्षा और मूल्यांकन कार्य में व्यस्त रहते, जिससे कॉपी जांच में देरी की आशंका थी।

मंडल का मानना है कि यदि परिणाम देर से जारी होते हैं तो विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में प्रवेश के दौरान परेशानी उठानी पड़ सकती है। इसी कारण यह नया शेड्यूल लागू किया गया है। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ऑनलाइन डेटाबेस के आधार पर शिक्षकों की मूल्यांकन ड्यूटी लगाई जा रही है, ताकि परीक्षा और मूल्यांकन दोनों कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें।

मंडल को उम्मीद है कि इस नए प्रबंधन से परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए जा सकेंगे और विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।






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