हमारी ज़मीन पर सुनवाई हमें ही बाहर किया गया किसानों ने किया श्री सीमेंट की जनसुनवाई का विरोध

(नीलकमल आज़ाद)

PALARI। श्री सीमेंट द्वारा पलारी ब्लॉक के ग्राम फुंडरडीह (By Shri Cement at Fundardih Village, Palari Block) और पत्थरचूवा में आयोजित जनसुनवाई किसानों  (Public hearing of farmers) के तीव्र विरोध और सवालों के घेरे में आ गई। सैकड़ों की संख्या में जुटे किसानों ने आयोजन को पूरी तरह एकतरफा बताते हुए ज़मीन नहीं देने की घोषणा की और इसे जनविरोधी करार दिया।


किसानों का कहना था कि जिस ज़मीन पर कार्यक्रम आयोजित किया गया वह उन्हीं की खेती की ज़मीन है फिर भी उन्हें बैरिकेड्स के बाहर खड़ा कर सुझाव मांगा गया। ये कौन सा नियम है कि हमारी ही जमीन पर सुनवाई हो और हमें ही अंदर आने से रोका जाए


फुंडरडीह के सरपंच रामखिलावन ध्रुव (ramkhilawan dhruw) ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, मेरे ही गांव में जनसुनवाई हुई और मुझे तक कोई सूचना नहीं दी गई। पंच घनश्याम बंजारें, मन्नू राय, भुषण कुर्रे और जितेंद्र कुर्रे ने भी इस पूरी प्रक्रिया को लोकतंत्र का अपमान बताया।


किसानों राकेश बंजारें, रवि बंजारें, जितेन्द्र बघेल, फागुराम बघेल, ठाकुरराम पाटले, दिनेश टंडन, लरशन टंडन, दुकालू सांयटोड़े और हुलासराम बंजारें ने बताया कि कंपनी के मेहमानों के लिए बोतलबंद पानी और उनके लिए टैंकर – यह शुरू से ही भेदभाव का संकेत है।

जनसुनवाई  (Public hearing of farmers) में जब पत्रकारों ने इस भेदभाव, सूचना न देने और पारदर्शिता के सवाल उठाए, तो कंपनी के अधिकारी जवाब देने से कतराते नजर आए और बिना जवाब दिए ही कार्यक्रम स्थल से निकल गए।


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