आवास योजना बना एक गरीब परिवार सपनों का सहारा

पूरी कहानी नगर पंचायत टुण्डरा के रमशिला बाई धीवर की है
(नंदू बंजारे)
टुण्डरा। जमाने चाहे पुराने की हो या आज की हो या सपने सभी जमाने में लोग देखते है लेकिन जब सपने सच में बदल जाए तो वो एक कहानी बन जाती है हम आप को एक ऐसी ही कहानी बताते हैं जो सपनों को हकीकत में बदलने की यह कहानी है नगर पंचायत दुण्डरा के वार्ड कमांक 01 में रहने वाली एक साहसी महिला श्री मति रामशीला बाई धीवर की है जो अपने बच्चों के साथ एक साधारण से मकान में रहते थे। यह कच्चा मकान जो बारिश के मौसम में मुसीबत का पहाड लेकर आता था।
रामशीला बाई धीवर की उम्र अभी लगभग 35 वर्ष है वे दैनिक मजदूरी का काम करते हुए अपने बच्चों के लालन-पालन हेतु बहुत ही कठिनाई का सामना करना पड़ा। इसके बाद भी अपने जीवन में कभी हार नहीं माने और आपको बता दें रामशीला बाईधीवर की अर्थिक स्थिति अत्यंत ही दयनीय थी कि अपने जर्जर मकान जो कि बरसरात के मौसम में छप्पर से पानी रिस रिस करके उनके घर में आ जाता था। वह सोचते थे कि उनका सपना उनके जीवन काल में कभी संभव हो पायेगा कि नहीं। और अचानक एक दिन नगर पंचायत टुण्डरा के आवास योजना की टीम मोहल्ले में सर्वे का कार्य कर रही थी, तभी रामशीला बाई धीवर ने अपने आवास की जानकारी एकत्रित करते हुए आवास योजना के सर्वे में अपना नाम जुडवाया और इसके कुछ महीनो बाद आवास की स्वीकृती उन्हें मिल गई जानकारी प्राप्त होने के उपरांत उन्होंने अपने कच्चे घर को तोड कर उसी स्थान पर पक्के मकान बनाने कार्य प्रारंभ कर दिया।
आवास योजना की राशि जब रामशीला बाई धीवर को अलग अलग चार किश्तो में उनके खाते के माध्यम से समय-समय पर पूरी किश्त मिल गई। इसके बाद रामशीला बाई धीवर कहते है कि मोर कच्चा के घर हा देखते ही देखते कुछ महिना मा मोर पक्का घर बनगे। मोर आखी के सामने मोर पक्का घर के सपना सच हो गे। मोर अउ मोर लईका के चेहरा पूरा खुशी के दिन आ गे। अऊ आज मोर परिवार के खुशी देख के मैं भी अति खुश हा। मोर खप्पर-छानी के घर ला सरकार पक्का बना दिस अइसे प्रधानमंत्री मोदी ला कोटि-कोटि धन्यवाद व आर्शिवाद देत्त हव जे हर मोर घर ला पक्का बना दिस मोर उपर दया करिस साथ ही हमर छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अउ अरुण साव को मैं बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।