मुलमुला थाना क्षेत्र में अवैध महुआ शराब का साम्राज्य, पुलिस के संरक्षण का आशंका — नशे से तबाही
(पंकज कुर्रे)
जांजगीर-चांपा/मुलमुला। जिले के पामगढ़ अंतर्गत मुलमुला आदर्श थाना क्षेत्र में अवैध महुआ शराब का कारोबार इन दिनों कुटीर उद्योग की तरह तेजी से फल-फूल रहा है। थाना क्षेत्र के गांव—मुलमुला, डेरा, कोसा, जेवरा, नारियरा, पकरिया, करूमहु और सोनसरी सहित कई अन्य गांवों—में यह अवैध धंधा खुलेआम संचालित हो रहा है। हालात यह हैं कि शाम ढलते ही गांवों और सड़कों पर शराबियों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे पूरे क्षेत्र का माहौल बिगड़ता जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, नशे में धुत युवक और शराबी सड़कों पर लेटे नजर आते हैं, राहगीरों से गाली-गलौज और मारपीट करते हैं। इन घटनाओं से आम नागरिकों का जीना दूभर हो गया है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। धीरे-धीरे पूरा इलाका शराबियों का अड्डा बनता जा रहा है।
पुलिस पर गंभीर आरोप, संरक्षण मिलने की चर्चा
स्थानीय बुद्धिजीवियों और प्रभावित परिवारों ने मुलमुला पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अवैध शराब कारोबारियों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है, जिससे उनका हौसला लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस कभी-कभार खानापूर्ति के लिए छापेमारी करती है, लेकिन कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।
लोगों का यह भी कहना है कि पुलिस की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाती है, जबकि जमीनी स्तर पर अवैध कारोबार बेरोकटोक जारी रहता है। इससे आम जनता का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा लगभग खत्म हो चुका है।
नशे का कहर, जानलेवा साबित हो रही महुआ शराब
महुआ शराब का यह अवैध कारोबार अब जानलेवा रूप ले चुका है। पिछले कुछ वर्षों में इस जहरीली शराब के सेवन से सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। अस्पतालों में शराब से जुड़े मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
चिकित्सकों का कहना है कि इस अवैध शराब में कई बार जहरीले रसायन मिलाए जाते हैं, जो शरीर पर गंभीर असर डालते हैं और कई मामलों में मौत का कारण बनते हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग इस पर प्रभावी रोक लगाने में नाकाम नजर आ रहे हैं।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध महुआ शराब के खिलाफ लगातार और सख्त अभियान चलाया जाए, ताकि इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लग सके।
लोगों का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और भयावह रूप ले सकती है, जिससे युवाओं का भविष्य और समाज की शांति दोनों खतरे में पड़ जाएंगे।


