भिलौनी घाट में अवैध रेत खनन का खुला खेल, प्रशासन और ग्राम पंचायत की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल
(रौनक साहू)
पचपेड़ी। ग्राम पंचायत भिलौनी के नदी घाट में अवैध रेत खनन धड़ल्ले से जारी है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारी और पंचायत पूरी तरह मौन बने हुए हैं। दिन-रात नदी से बिना किसी वैध अनुमति के रेत निकाली जा रही है और ट्रैक्टरों के माध्यम से खुलेआम परिवहन किया जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार रेत खनन का यह अवैध कारोबार अब इस कदर बढ़ चुका है कि पचपेड़ी तहसील क्षेत्र की मुख्य सड़कों से होकर रेत से भरे ट्रैक्टर तेज रफ्तार में गुजरते रहते हैं। इससे न सिर्फ सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, बल्कि स्कूली बच्चों, कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और आम राहगीरों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही कुछ दबंग और प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से यह अवैध खनन संचालित किया जा रहा है। जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश भी की गई। यह स्थिति साफ संकेत देती है कि अवैध रेत माफिया को कहीं न कहीं संरक्षण प्राप्त है।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि क्या प्रशासन और ग्राम पंचायत को इस अवैध गतिविधि की जानकारी नहीं है?
यदि जानकारी है, तो अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों की चुप्पी ने रेत माफियाओं के हौसले बुलंद कर दिए हैं और कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दी जा रही है।
अवैध रेत खनन से नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ रहा है, पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है और भविष्य में जल संकट की आशंका भी बढ़ती जा रही है। इसके बावजूद न तो खनन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तहसील न ही पंचायत स्तर पर कोई रोक-टोक नजर आ रही है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, कलेक्टर और खनन विभाग और तहसील से मांग की है कि
तत्काल भिलौनी घाट में जांच टीम भेजी जाए
अवैध रेत खनन पर पूरी तरह रोक लगाई जाए…
दोषियों के साथ-साथ संरक्षण देने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई हो
गांव में भयमुक्त वातावरण और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए

