JANJGIR CHAMPA : किसान का बेटा बना गांव का पहला अग्निवीर, ट्रेनिंग के बाद पहुंचा गांव, ग्रामीणों ने ढोल बाजे के साथ किया भव्य स्वागत

(शनि सूर्यवंशी/पंकज कुर्रे)

जांजगीर चांपा। जांजगीर चांपा जिला के पकरिया झूलन के 21 वर्षीय हिमांशु कैवर्त जब पहली बार जब भारतीय सेना की वर्दी में अपने गांव पकरिया (झूलन) पहुंचा तो ग्रामीण खुशी से झूम उठे गांव में ढोल बाजे के साथ उसका जोरदार स्वागत हुआ और रैली निकाली गई। हिमांशु कैवर्त किसान का बेटा है हिमांशु अग्नीवीर भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल करने वाला गांव का पहले युवक है। भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में चयनित होने के बाद, छह महीने की कड़ी ट्रेनिंग पूरी कर जब वह अपने गांव लौटा, तो उसका स्वागत किसी हीरो की तरह किया गया।

ढोल बाजे और फूल-मालाओं के साथ रैली निकाली गई, पूरा गांव खुशी में झूम उठा हिमांशु ना केवल अपने परिवार का बल्कि पूरे गांव का गौरव बन चुका है और अब वह युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हिमांशु का बचपन गरीबी और संघर्षों में बीता है। उसके पिता लकेश्वर कैवर्त किसानी करके परिवार का पेट पालते थे। हिमांशु अपनी 12 वी तक पढ़ाई गांव के स्कूल में की है। पढ़ाई करते हुए उसने सेना में भर्ती की जानकारी पाई, उसने ठान लिया कि अपने जीवन को बेहतर बनाएगा। बिना किसी विशेष साधन और सहारे के उसने अग्निवीर भर्ती के लिए तैयारी शुरू कर दी। उसकी मेहनत रंग लाई और वह चयनित हो गया। यह पल ना केवल उसके परिवार बल्कि पूरे गांव के लिए गर्व का क्षण रहा।

हिमांशु का गांव में हुआ भव्य स्वागत

भोपाल में 6 महीने की कड़ी ट्रेनिंग पूरी की जब वह अपने गांव लौटा, तो गांववालों ने उसका स्वागत दिल खोलकर किया। ढोल बाजे के साथ भव्य रैली निकाली गई। हर कोई उसकी इस उपलब्धि पर खुशी से झूम रहा था। हिमांशु ने अपने गांव के चंडी दाई और मां महामाया मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया और अपने परिवार गुरुजनों मित्रो से मिलकर उनका आभार व्यक्त किया।

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