बड़ी कामयाबी: श्रीराम जानकी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल खरतोरा में महिला के गर्भाशय से निकाला गया 5 महीने के बच्चे के आकार का ट्यूमर

नीलकमल  आजाद 

बलौदाबाजार। क्षेत्र के प्रतिष्ठित श्रीराम जानकी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल (खरतोरा नाका) में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की टीम ने एक बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। अस्पताल में एक 42 वर्षीय महिला के गर्भाशय (बच्चेदानी) से 5 महीने के बच्चे के आकार की बड़ी गांठ (ट्यूमर/फाइब्रॉइड) को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।

असहनीय दर्द से पीड़ित थी महिला

मरीज पिछले काफी समय से पेट में दर्द, भारीपन और असहजता से परेशान थी। कई जगह दिखाने के बाद जब वह श्रीराम जानकी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल पहुँची, तो डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद गर्भाशय में एक बेहद बड़ी गांठ होने की पुष्टि की। गांठ का आकार इतना बड़ा हो चुका था कि वह एक 5 महीने के विकसित भ्रूण (बच्चे) के बराबर दिख रही थी, जिससे महिला के अन्य अंगों पर भी दबाव बढ़ रहा था।

डॉ. विनय वर्मा और टीम ने दिया नया जीवन

मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए अस्पताल के *संचालक व सुप्रसिद्ध चिकित्सक और प्रदेश में सभी मरीजों से मात्र 1 एक रुपया फीस लेकर परामर्श देने वाले डॉ के नाम से बहुचर्चित डॉ. विनय वर्मा (MBBS, MD, IES London)* ने अपनी विशेषज्ञ टीम और कुशल हॉस्पिटल स्टाफ के साथ मिलकर इस बेहद संवेदनशील ऑपरेशन की योजना बनाई।

डॉ. विनय वर्मा के अनुभव और अस्पताल की अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की बदौलत यह जटिल ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। महिला के गर्भाशय से उस विशाल गांठ को बिना किसी बड़ी जटिलता के सुरक्षित निकाल लिया गया।

मरीज की स्थिति अब सामान्य

सफल ऑपरेशन के बाद महिला और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। डॉक्टरों के मुताबिक, मरीज की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर है और वे डिस्चार्ज होकर घर चली गई है परिजनों ने डॉ. विनय वर्मा, उनकी टीम और पूरे हॉस्पिटल स्टाफ के प्रति दिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहाँ मिले त्वरित और सटीक इलाज ने महिला को एक नया जीवनदान दिया है।

“अस्पताल में उन्नत तकनीक, अनुभवी डॉक्टरों की देखरेख और समर्पित स्टाफ की वजह से इस तरह के बेहद जटिल ऑपरेशनों को भी हम सफलतापूर्वक अंजाम दे पा रहे हैं। हमारा लक्ष्य हमेशा मरीज को सुरक्षित और सर्वश्रेष्ठ इलाज प्रदान करना है।”

श्रीराम जानकी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल प्रबंधन

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