बलौदाबाजार में अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन की रैली, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
(देवेश साहू)
बलौदाबाजार। अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल पर थे। बुधवार को उनका तीसरा और अंतिम दिन रहा।
अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन के तहत बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया, जिसके बाद कर्मचारियों ने रैली निकालकर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा।
हड़ताल के कारण जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में तालाबंदी रही। कलेक्ट्रेट, तहसील कार्यालय, स्कूल, अस्पताल सहित विभिन्न विभागों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। दूर-दराज से आए ग्रामीणों और आम नागरिकों को बिना काम कराए खाली हाथ लौटना पड़ा।
धरना स्थल पर कर्मचारियों ने “मोदी की गारंटी लागू करो” और “अब नई सरकार से डीए-एरियर्स लेकर रहेंगे” जैसे नारों के साथ सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया। फेडरेशन का कहना है कि यह आंदोलन कर्मचारियों की अस्मिता और चुनावी वादों को पूरा कराने की लड़ाई है।
फेडरेशन नेताओं ने कहा कि भाजपा द्वारा चुनाव से पूर्व जारी संकल्प पत्र में किए गए वादे अब तक धरातल पर नहीं उतरे हैं। महंगाई भत्ता (डीए) और लंबित एरियर्स का भुगतान न होने से कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मुख्य मांगों में चुनावी वादों को तत्काल लागू करना, वेतन विसंगति दूर करना, केंद्र के समान महंगाई भत्ता व गृह भाड़ा भत्ता, कैशलेस चिकित्सा सुविधा तथा प्लेसमेंट कर्मचारियों का नियमितीकरण शामिल है।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी दिनों में अनिश्चितकालीन हड़ताल की रूपरेखा तैयार की जाएगी। तीन दिवसीय हड़ताल के अंतिम दिन हजारों कर्मचारियों ने रैली में भाग लेकर सरकार को अपनी एकजुटता और ताकत का संदेश दिया।
रैली में कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के संयोजक डॉ. एल.एस. ध्रुव सहित मनोज कुमार दुबे, संतोष वैष्णव, वायल रॉबर्ट, रमेश नेगी, कामता जांगड़े, भीमसेन, पी.के. हिरवानी, रामलाल साहू, बी.एल. दिवाकर, प्रकाश तिवारी, सुरेश पैकरा, विजय साहू, अरुण साहू, मनबोध टंडन, माखन चंद्राकर, बालेश्वरी साहू, दिगेंद्र वर्मा, अविनाश तिवारी, चेतन बघेल, भूपेंद्र गिलहरे, सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।









