चारधाम यात्रा में 48 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, यमुनोत्री में बना नया रिकॉर्ड
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद चारधाम यात्रा जारी है। यात्रा के 125 दिनों में 48 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधामों के दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 5 लाख 22 हजार 634 अधिक है। वहीं, यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। पहली बार यहां 6.68 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रियों की सुरक्षा प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चारों धामों और यात्रा पड़ावों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। जिलाधिकारियों को भी यात्रा व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार के अनुसार, मानसून को देखते हुए चारधाम यात्रा को विशेष सतर्कता और निगरानी के साथ संचालित किया जा रहा है। यात्रा से जुड़े रुद्रप्रयाग,चमोली और उत्तरकाशी जिलों में आपदा प्रबंधन तंत्र को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रा को नियंत्रित किया जा रहा है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
यमुनोत्री धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। पहली बार यहां 6 लाख 68 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। शुक्रवार तक 6 लाख 68 हजार 163 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं। वर्ष 2025 में यह संख्या 6 लाख 44 हजार 637 थी।
इस वर्ष 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा शुरू हुई थी। 21 अगस्त तक बदरीनाथ में 16 लाख 54 हजार 263, केदारनाथ में 14 लाख 65 हजार 370, गंगोत्री में 7 लाख 47 हजार 671 और यमुनोत्री में 6 लाख 68 हजार 163 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, हेमकुंड साहिब में 2 लाख 69 हजार 430 श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं। बदरीनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में यहां इस वर्ष 3 लाख 62 हजार 304 अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं।
यमुनोत्री धाम में प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं की संख्या
2025——6,44,637
2024——5,15,067
2023——5,60,918
2022——6,21,538
2021——–33,311
2020———7728
2019———4,65,534
2018———3,94,445
2017———3,92,208
2016———1,55,129
2015———1,22,926
2014———038,294
2013———253110
2012———413615
2011———448945
2010———309634
2009——–322242
2008——–327611
2007——–287870
2006——–216883
2005——–169046
2004——–102331
2003——–78,050
2002——–54023
2001——–54074
2000——-88672








