केसला पीडीएस में सरकारी राशन गबन करने वालों पर पामगढ़ एसडीएम मेहरबान , गड़बड़ी उजागर होने के 20 दिन बाद भी कार्रवाई का पता नही
पंकज कुर्रे
पामगढ़। ग्राम पंचायत केसला के पीडीएस दुकान में सरकारी राशन की अफरा-तफरी करने वाले समूह और विके्रता पर कार्रवाई का कोई अता-पता नहीं है। ये हाल तब है जब जांच में 57 क्विंटल सरकारी चावल की गड़बड़ी उजागर हो चुकी है और फूड इंस्पेक्टर के द्वारा जांच प्रतिवेदन भी पामगढ़ एसडीएम कार्यालय में जमा कराया जा चुका है लेकिन जांच प्रतिवेदन जमा होने के 20 दिन बाद भी समूह पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई है। फाइल एसडीएम आफिस में दबती जा रही है। जिससे गड़बड़ी करने वालों को खुली छूट मिलती नजर आ रही है।

गौरतलब है कि केसला पीडीएस दुकान में माह अगस्त में राशन वितरण करने में समूह के द्वारा गड़बड़ी की जा रही थी। हितग्राहियों को राशन नहीं बांटा जा रहा था। शिकायत पर पामगढ खाद्य निरीक्षक उमेश चौधरी 26 अगस्त को जांच करने केसला पीडीएस दुकान पहुंचे जहां स्टॉक में 57.96 क्विंटल चावल गायब मिला। वहीं जुलाई माह की राशि जो हर माह की 10 तारीख तक जमा करने का नियम है, वह राशि जुलाई माह की 25 तारीख को जमा किया गया था। वहीं रजिस्टर संधारने करने में गड़बड़ी मिली। अगले दिन खाद्य निरीक्षण ने जांच प्रतिवेदन पामगढ़ एसडीएम कार्यालय में जमा करा दिया। इस पर एसडीएम कोर्ट से समूह अध्यक्ष/सचिव व विक्रेता को 3 सितंबर को जवाब मांगा गया था। संबंधितों ने जवाब भी जमा कर दिया। लेकिन इसके बाद आगे की कार्रवाई फाइलों में दब गई है.
समूह को अभयदान देने की तैयारी
बताया जा रहा है कि इस मामले में गबन किए गए 57 क्विंटल सरकारी चावल को समूह के द्वारा भरपाई कर दिए जाने का हवाला दिया जा रहा है। इसी आधार पर समूह और विक्रेता को किसी तरह दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाए अभयदान देने की तैयारी चल रही है। अगर ऐसा हुआ तो जिले में पीडीएस दुकानों में नई परिपाटी चल जाएगी कि खुलकर सरकारी राशन की अफरा-तफरी करों और कभी पकड़े जाओ को उतना राशन भर दो और पाक साफ हो जाओ। गड़बड़ी करने वालों को शासन-प्रशासन का कोई डर ही नहीं रहेगा। जबकि सरकारी चावल का गबन करना सार्वजनिक वितरण प्रणाली का उल्लंघन है और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दंडनीय है। समूह को निलंबन करने का नियम है ताकि आगे अन्य समूह और विक्रेता ऐसा अपराध करने से डरे।









