संत शिरोमणि गुरु घासीदास महाविद्यालय पामगढ़ में हुआ व्यक्तित्व विकास एवं कैरियर मार्गदर्शन का आयोजन

(पंकज कुर्रे)

PAMGARH । संत शिरोमणि गुरु घासीदास महाविद्यालय पामगढ़ में व्यक्तित्व विकास एवं कैरियर मार्गदर्शन का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता डॉक्टर राजाराम बनर्जी (Keynote Speaker Dr Rajaram Banerjee) (संस्थापक), पी. के. दिव्य एवं कमल जीत राय उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर ए. आर. बंजारे (Presided over by the Principal of the college Dr. A.R. Banjare) ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ संत शिरोमणि गुरु घासीदास बाबा एवं सरस्वती मां के छाया चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात सभी अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छे व पुष्प हार से किया गया।

पी.के. दिव्य जी ने बताया कि सिर्फ अच्छा कपड़ा पहनना या बोलना ही व्यक्तित्व विकास का पहचान नहीं है। व्यक्तित्व विकास वह जो बेहतर संचार, संवेदना और समझ बनाने, नए स्किल सीखने, समस्या समाधान और कुशल मार्गदर्शन क्षमताओं को विकसित करने में मदद करता है, जो अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में योगदान देता है। एक अच्छा व्यक्तित्व का निर्माण करने के लिए प्रतिदिन कुछ नया सीखे, अनुभवी लोगों से वार्तालाप करें, स्वयं पर विश्वास रखे था भाषा कौशल पर विशेष ध्यान देना चाहिए। महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापिका डॉ. रश्मि पांडे ने अपने उद्बोधन में 10वीं के बाद विषयों का चयन एवं 12वीं के बाद उच्च शिक्षा हेतु पाठ्यक्रम का चयन किस प्रकार करना चाहिए इसके बारे में विस्तार से बताई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. राजाराम बनर्जी ने सभी छात्रों को उद्बोधित करते हुए कहा कि पाठ्यक्रमों का चुनाव करना एक महत्वपूर्ण कार्य होता है। यह न केवल आपके भविष्य को दिशा देता है, बल्कि आपकी रुचियों, क्षमताओं और लक्ष्यों को भी साकार करता है। सही पाठ्यक्रम के चुनाव से आप अपने जीवन में समृद्धि, सफलता प्राप्त कर सकते हैं। अतः अपने रुचि व क्षमताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम का चयन कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए परिश्रम करें। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य दिलीप कुमार सुमन, (School Principal Dilip Kumar Suman) सुरेंद्र भार्गव, सुनील कौशिक, महेन्द्र बघेल, प्रिया खरे, बीपी बनर्जी, ज्ञानदास मानिकपुरी, बबलू श्रीवास, मनोज श्रीवास, प्रगति पाटले, अभिभावकगण व छात्र/छात्राएं उपस्थित थे।

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