प्रधान पाठक विनिता सिंह राज्यपाल अवार्ड से हुई सम्मानित, राजभवन में राज्यपाल रमेश डेका ने किया सम्मान

(गौरव मिश्रा)
सूरजपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह 2023-24 में प्रदेश के 55 शिक्षकों का सम्मान राज्यपाल रमेन डेका किया । इस कार्यक्रम में सूरजपुर जिले से कुमारी विनिता सिंह प्रधान पाठक महुआपारा को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के फलस्वरूप राज्यपाल अवार्ड से सम्मानित किया गया। राज्यपाल अवार्ड में उन्हें पुरस्कार स्वरूप शाल,श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और 21 हजार रूपए सम्मान राशि प्रदान किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहे । वर्तमान में विनिता सिंह प्रधान पाठक के पद पर शासकीय प्राथमिक शाला महुआपारा में पदस्थ हैं। वे सतत प्राथमिक शाला के बच्चों में शिक्षा की अलख जगा रही हैं। वे पालकों एवं ग्रामवासियों के सतत् सम्पर्क में रहकर बच्चों को प्रतिदिन शाला भेजने के लिए प्रेरित करती है। बच्चों की अभिरूचि के अनुसार सहायक शिक्षण सामग्रियों का उपयोग कर विषय को समझाने की कोशिश करती हैं। स्कूल शिक्षा विभाग की मासिक ई-पत्रिका शिक्षा के गोठ में इनकी सफलता की कहानी का प्रकाशन हुआ हैं, वे एक नवाचारी भी शिक्षक हैं। कोराना काल में बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए ब्लूटूथ बल्व मास्टर नामक शैक्षिक नवाचार किया गया, जिसे विभाग द्वारा सराहा गया तथा इससे बच्चों का पढ़ने का अवसर मिला। इनके द्वारा विद्यालय में भौतिक संरचना विकसित करने के लिए जनसहयोग से प्रयास किया गया , जिसके फलस्वरूप बच्चों की सुरक्षा के लिए विद्यालय में चहारदिवारी का निर्माण करवाया गया । इनके द्वारा ग्रामवासियों में पम्पलेट आदि बांटकर जन जागरूकता अभियान चलाया गया इसके कारण चट्टीडांड़ गांव में एक भी व्यक्ति कोराना वायरस से संक्रमित नहीं हुआ । इन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण शिक्षा दूत 2022 से सम्मानित किया गया। इसी प्रकार से इन्हें जिला प्रशासन द्वारा भी इनके शिक्षा के क्षेत्र में किये गये अच्छे कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है। छात्र-छात्राओं के जीवन में सकारात्मक प्रभाव डालते हुए उनमें सीखने के प्रति जागृत करना और उन्हें निरंतर आत्म सुधार करने हेतु देश का एक अच्छा नागरिक बनने के लिए प्रोत्साहित करना इनका लक्ष्य है। 15 मई 2020 से इनके द्वारा मोहल्ला क्लास में अपने छात्राओं के घर पर ही अपने स्वयं के खर्च से मध्यान्ह भोजन की सामग्री उपलब्ध कराकर पालकों के सहयोग से लगभग 30 दिनों तक भोजन की व्यवस्था भी कराया गया था । विनिता सिंह ने लॉकडाउन में बच्चों की पढ़ाई जारी रखने को एक चुनौती के रूप में लिया और काफी हद तक इसमें सफल रही । इनके इन्हीं नि:स्वार्थ सेवाओं के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने इन्हें राज्यपाल अवार्ड से सम्मानित किया है।