डायल 112 कसडोल की तत्परता: राखी के पावन पर्व पर दुर्घटना में घायल भाई की बची जान
कसडोल। रक्षाबंधन के पवित्र पर्व पर भाई-बहन के प्रेम को अमिट रखने वाली एक सराहनीय घटना सामने आई है। डायल 112 कसडोल टीम की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से एक घायल व्यक्ति की समय रहते जान बचा ली गई है। वर्तमान में घायल व्यक्ति खतरे से बाहर है और उसका इलाज जारी है।
“यह था पूरा मामला”
गुरुवार को दोपहर करीब 3:40 बजे ग्राम आमोदी से डायल 112 कसडोल को सूचना मिली कि आमोदी-गिरौदपुरी रोड के किनारे एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में लहू-लुहान अवस्था में पड़ा हुआ है।
सूचना मिलते ही बिना एक पल गवाए डायल 112 कसडोल की टीम (आरक्षक आशुतोष बंजारे एवं चालक केशव प्रसाद साहू) तुरंत घटनास्थल पर पहुँची।आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि आहत व्यक्ति हिरसिंग पैकरा पिता घोगिया पैकरा, उम्र 40 वर्ष, निवासी देवरीकला, कसडोल अपनी बहन के यहाँ ग्राम दर्रा (गिरौदपुरी) राखी बंधवाने और रक्षासूत्र पहुँचाने के लिए अपने साथी के साथ मोटरसाइकिल (क्रमांक: CG 11 AK 6088) से जा रहे थे।
रास्ते में अचानक सामने जहरीला सांप आ गया। सांप को बचाने के प्रयास में मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर जोरदार तरीके से जमीन पर गिर गई। इस हादसे में पीछे बैठे साथी भी चालक के ही ऊपर गिर गया जिससे चालक गंभीर रूप से चोटिल हो गए।
*पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई*
इधर गंभीर चोटें पर हिरसिंग पैकरा के सिर, चेहरे, सीने और पैर में गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही बेहोश हो गया। इधर स्थिति की नजाकत को समझते हुए डायल 112 की टीम ने बिना देरी किए घायल को तुरंत अपनी गाड़ी में बैठाया। उसके साथ मौजूद साथी पिरस यादव (पिता घसिया यादव, उम्र 34 वर्ष, निवासी देवरीकला) को भी साथ लिया। टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कसडोल में भर्ती कराया। रास्ते भर आहत व्यक्ति बेहोश था, लेकिन डॉक्टरों की देखरेख में समय पर अस्पताल पहुँचने के कारण उसकी जान बचा ली गई। डॉक्टरों के अनुसार अब वह खतरे से बाहर है। भी रक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर डायल 112 कसडोल की टीम ने अपनी जिम्मेदारी का मिसाल देते हुए यह साबित कर दिया कि खाकी और आपातकालीन सेवाएँ हर परिस्थिति में आम जनता की जीवन रक्षा के लिए तत्पर हैं। समय पर मिली मदद से एक बहन की कलाई सूनी होने से बच गई और भाई को नया जीवन मिला। वहीं पुलिस ने आमजनों से आग्रह किया कि वाहन चलाते समय सड़क पर अचानक आने वाले अवरोधों या वन्यजीवों से बचाव के लिए हमेशा गति नियंत्रण में रखें और यातायात नियमों का पालन करें।








