माघी मेले में मांस मछली और अंडा की बिक्री प्रतिबंधित, प्लास्टिक डिस्पोजल के इस्तेमाल पर होगी सख्त कार्रवाई
माघी मेले को लेकर नगर पंचायत ने जारी किए दिशानिर्देश
मदन खाण्डेकर
गिधौरी ।नगर के माघी मेले में इस वर्ष मांस,मछली और अंडा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया हैं।इसके साथ प्लास्टिक डिस्पोजल के उपयोग पर भी रोक लगाई गई हैं।मेला में आए दुकानदार यदि प्रतिबंधित चीजों का उपयोग करते पाए गए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।माघी मेले को लेकर नगर पंचायत शिवरीनारायण ने दुकानदारों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।मेला में दुकान लगाने वाले दुकानदारों से आवेदन पत्र के साथ स्व घोषणा पत्र भरवाया जा रहा हैं।जिसमें दिशानिर्देश लिखे हुए।मेला में आए दुकानों में प्लास्टिक डिस्पोजल का इस्तेमाल न हो इसके लिए नगर पंचायत की टीम लगातार मॉनिटरिंग भी करेगी।प्रतिबंधित प्लास्टिक डिस्पोजल का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।पूरे जिले में आयोजित होने वाले मेलो में नगर का यह माघी मेला अपनी अलग पहचान बनाएगा।मेले के दिशा निर्देशों के संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत ने बताया कि नगर के मेला ग्राउंड में इस वर्ष 1 फरवरी से शुरू हो रहे माघी मेला में मांस,मछली और अंडा आदि को प्रतिबंधित किया हैं।धार्मिक नगरी की महत्ता हो देखते हुए यह निर्णय लिया गया हैं।इस निर्णय को परिषद में पास किया जा चुका हैं।प्रतिबंधित चीजों की बिक्री करने वाले दुकानदारों पर नगर पंचायत के कर्मचारी सख्त कार्रवाई करेंगे।मेले में प्लास्टिक डिस्पोजल के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया हैं।पूरे माघी मेले प्लास्टिक डिस्पोजल मुक्त रखने की मुहिम है।मेला में आने वाले दुकानदारों को भी इसकी सूचना दी जा रही हैं।ताकि पर्यावरण की सुरक्षा की जा सके। प्लास्टिक मुक्त मेले की मुहिम में दुकानदारों का सहयोग मिलेगा।इसके लिए आवेदन पत्र के साथ स्व घोषणा पत्र भरवाया जा रहा हैं। कि मेले में प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा व मेले को स्वच्छ रखने में सहयोग देना होगा।पंचायत के अधिकारी और कर्मचारी लगातार मेले को प्लास्टिक मुक्त रखने को मुहिम में लगाया जाएगा।जो भी दुकानदार प्लास्टिक का इस्तेमाल करते पाया जाता हैं या कचरे को सड़क में फेंकते मिलता हैं उसके खिलाफ प्लास्टिक को जप्त कर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।मेले को स्वच्छ और सुन्दर बनाने के लिए सब का सहयोग मिलेगा।स्वच्छता को लेकर लोगों में अच्छा संदेश जाएगा।यह मुहिम आने वाले माघी मेले में भी देखने को मिलेगी।
मेले में गंदगी नहीं करूंगा, लिखित में देंगे दुकानदार
मेले में सभी दुकानदारों से एक घोषणा पत्र लिया जा रहा हैं।जिसमें दुकानदार अपने दुकान में डस्टबिन रखने, प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने,कचरा बाहर नहीं फेंकने और दुकान का नगर पंचायत की शर्त अनुसार दुकान का संचालन करने का संकल्प ले रहे हैं।नियमों को नहीं मानने वाले दुकानदार स्वयं जुर्माना के रूप में पांच हजार नगर पंचायत में जमा करेंगे।
स्वच्छता कमांडो संभालेंगे प्लास्टिक मुक्त मेले की जिम्मेदारी
मेले को प्लास्टिक से मुक्त रखने के लिए अध्यक्ष राहुल थवाईत एवं सीएमओ कन्हैया लाल निर्मलकर ने स्वच्छता कमांडो टीम का गठन किया है।स्वच्छता कमांडो की टीम लगातार मेले में मॉनिटरिंग करेगी।जो भी दुकानदार प्लास्टिक का इस्तेमाल करते पाया जाएगा।तो उसके खिलाफ प्लास्टिक जप्त कर जुर्माने की कार्रवाई की जाती हैं।जुर्माने के डर से दुकानदार भी प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करेंगे।मेले को प्लास्टिक मुक्त रखने में स्वच्छता कमांडो की महती भूमिका रहेगी।ये कमांडो सुबह से रात तक मेला परिसर में अपनी ड्यूटी निभाते दिखाई पड़ जाएंगे।मेले में आए दुकानदार भी प्रतिबंधित चीजों का इस्तेमाल नहीं करेंगे।नगर का पंद्रह दिवसीय माघी मेला प्लास्टिक मुक्त मेले की परिकल्पना को साकार करेगा।
दुकानों से सुबह शाम डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का होगा काम
मेले को स्वच्छ रखने के लिए नगर पंचायत द्वारा दुकानों से सुबह शाम डोर टू डोर कचरा कलेक्शन जाएगा।कचरे का उचित निष्पादन होने से मेला परिसर में चारों ओर स्वच्छता बनी रहेगी।सभी दुकानदार अपनी दुकानों के सामने डस्टबिन रखेंगे।इसके साथ ही दुकान में आए ग्राहकों को भी कचरे को डस्टबिन में डालने की नसीहत देंगे।मेले को स्वच्छ रखने की इस मुहिम में सभी दुकानदार भी जिम्मेवारी निभाएंगे।मेले में कचरा फैलाने वाले दुकानदारों पर जुर्माने की कार्रवाई से दुकानदार भी गन्दगी करने से बचेंगे।
माघी मेले में मांस, मछली और अंडा की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी।मेले में प्लास्टिक डिस्पोजल के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया हैं।प्रतिबंधित चीजों की बिक्री एवं उपयोग करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
पं. हरीश तिवारी भोगहा ने बताया कि माघ पूर्णिमा के पवित्र अवसर पर नगर के त्रिवेणी संगम चित्रोत्पला गंगा महानदी में पवित्र स्नान करने से मनुष्य के सभी पापों का शमन होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है साथ ही भगवान श्री विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है महानदी में पवित्र स्नान करने के बाद दान करने का भी विशेष महत्व है माघ पूर्णिमा को भगवान श्री शिवरीनारायण जी के दर्शन पूजन करने के उपरांत गुड, तिल, वस्त्र, दूध, घी आदि का दान करना चाहिए।मेला ग्राउंड में आने लगे झूला इस वर्ष मेला में विभिन्न प्रकार के झूले बच्चों के झूले, ब्रेक डांस झूला, हवाई झूला,रेंजर झूला,ऑक्टोपस झूला, रेंजर झूला, टूरिंग टॉकीज, मीना बाजार, मौत का कुआं, भोजनालय, होटल, रंगोली की दुकान, क्राफ्ट दुकान, कपड़ों की दुकानें, फल फूल की दुकान मूर्ति वालो की दुकानें, फोटो स्टूडियो, रंग बिरंगी चूड़ियों की दुकानें धार्मिक पुस्तकों की दुकान खेल तमाशा, बच्चों के खिलौने की छोटी बड़ी दुकानें,मनिहारी दुकानें पिज्जा, बर्गर, चाट, कचौरी, गुपचुप आइस्क्रीम के साथ ही खाने पीने की सैकड़ों दुकानें संचालित होगी।
मिनी गोवा रहेगा आकर्षण का केन्द्र शिवरीनारायण धार्मिक आस्था का केंद्रबिंदु तो है ही यहां पर्यटन की भी भरपूर संभावना है महानदी पर अभी दो तीन माह से मिनी गोवा के नाम से भी एक ट्रेंड चला है जिसमें प्रतिदिन हजारों की संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आ रहे हैं जो नगर के मुख्य मंदिर श्री शिवरीनारायण भगवान मंदिर के अलावा श्री शबरी मंदिर, श्री केशव नारायण मंदिर, श्री राम मंदिर, मठ मंदिर, श्री राम जानकी मंदिर, श्री राधाकृष्ण मंदिर, श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर, काली मंदिर में दर्शन करने के बाद महानदी में नौका विहार करते हुए मिनी गोवा जाकर फोटो, सेल्फी नारियल पानी और विभिन व्यंजनों का लुप्त उठा रहे हैं माघी मेला में मिनी गोवा आकर्षण का केंद्र बिंदु रहेगा। नौका विहार/ महानदी में रोज़ाना नाव चल रहे हैं यात्री, श्रद्धालु मंदिर दर्शन के बाद नौका विहार कर रहे हैं जिससे नाविकों को भी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है
नगर के सभी नाविक अपने अपने नाव को आकर्षक फूलो से सजाकर रखे हुए हैं जिससे नाव में बैठने वाले को बनारस,प्रयागराज के नाव में बैठने का अनुभव हो रहा है।


