19 जनवरी से होगा श्री हनुमत महायज्ञ प्रारंभ, धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजनों की रहेगी श्रृंखला
(रौनक साहू)
बलौदाबाजार। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की कृपा से बलौदाबाजार की पावन भूमि पर विश्व कल्याण एवं धर्म रक्षा के उद्देश्य से श्री हनुमत महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 19 जनवरी से 29 जनवरी 2026 तक दशहरा मैदान स्थित यज्ञ परिसर में संपन्न होगा। आयोजन धर्म रक्षार्थ यज्ञ एवं जन सेवा समिति तथा समस्त नगरवासियों के सहयोग से किया जा रहा है, जिसमें नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के धर्मानुरागियों को सादर आमंत्रित किया गया है।आयोजन की शुरुआत माघ शुक्ल 01, सोमवार 19 जनवरी 2026 को दोपहर 1बजे छत्तीसगढ के प्रसिद्ध गायक भाटापारा निवासी दीपक केशरवानी के मधुर भजन कलश यात्रा भगवान श्रीराम की झांकी के साथ महायज्ञ का शुभारंभ होगा तत्पश्चात संध्या 5बजे श्री टंकराम वर्मा केबिनेट मंत्री छत्तीसगढ शासन के द्वारा यज्ञ परिसर मे नवनिर्मित भवन का लोकार्पण कर यज्ञ समिति एवं नगरवासियों को धार्मिक अनुष्ठान के उपयोग हेतु समर्पित किया जाएगा।यज्ञ प्रतिदिन प्रातः 8 से 12 बजे एवं संध्या 2 से 5 बजे तक संपन्न होगा, जबकि सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक आयोजित किए जाएंगे।महायज्ञ के दौरान विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों की भव्य श्रृंखला रखी गई है। इनमें 19ता दोपहर 1बजे कलश यात्रा, चलित भजन छत्तीसगढ के प्रसिद्ध गायक दीपक केशरवानी द्वारा संध्याकाल महाआरती पश्चात प्रसाद वितरण।
20ता संगीतमय सुंदरकांड पाठ समिति रावन, 21ता अंतरराष्ट्रीय ख्यातिलब्ध हरे राम हरे कृष्णा नृत्य संगीत प्रस्तुति (श्रीलंका)प्रस्तोता डा. अंजली मिश्रा ,22ता “वनवासी राम” नाट्य प्रस्तुति छत्तीसगढ गौरव डा. ललितठाकुर पद्मभूषण,23ता भजन संध्या दीपक केशरवानी, 24ता सांस्कृतिक कार्यक्रम “धरोहर” राजनांदगांव संगीत संध्या, 25ता संगीतमय सुंदरकांड पाठ पंचमुखी हनुमान समिति भाटापारा,26ता भजन संध्या सरगम म्युजिकल्स रायपुर 27 एवं 28ता श्री हनुमत कथा मानस केशरी पं.प्रमोद शास्त्री बेमेतरा द्वारा तथा 29ता अंतिम दिवस पर पूर्णाहुति संगीतमय कलश विसर्जन गायक दीपक केशरवानी एवं महाप्रसादी वितरण के साथ संपूर्ण अनुष्ठान का समापन होगा। इस वर्ष विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।आयोजक समिति ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पुण्य लाभ अर्जित करें तथा आयोजन को सफल बनाएं।

