श्रीमद भागवत भागवत ज्ञान यज्ञ षष्ठ दिवस संकोच ही समर्पण में सबसे बड़ी बाधा है – पं अनिल शुक्ला
(मदन खाण्डेकर)
बिलाईगढ़। बिलाईगढ़ नगर में चल रहे श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ के षष्ठ दिवस के सत्र में व्यास पीठ से सुप्रसिद्ध भागवत प्रवक्ता पं अनिल शुक्ला बसहा वाले द्वारा भगवान के अनान्य विवाह की कथाओं का विस्तार पूर्वक वर्णन सुनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के गृहस्थ जीवन लीला चरित्र के द्वारा आचार्य श्री ने बताया कि भगवान विशाल गृहस्थी के स्वामी होकर भी योगेश्वर के पद को प्राप्त हुए और इसके द्बारा भगवान जीवों को ज्ञान प्रदान करते हुए कहते हैं कि जीवों के लिए गृहस्थ आश्रम भोग के लिए नही बना है बल्कि योग की जागृति के लिए बना है।
आगे भगवान द्वारा पृथ्वी के बड़े बड़े भार व जरासंध के उद्धार की कथा सुनाया गया
अंतिम कथा चरित्र में भगवान के परम सखा सुदामा चरित्र का वर्णन विस्तार पूर्वक सुनाया गया इस संदर्भ में व्यास पीठ से बताया गया कि सुदामा का भगवान श्रीकृष्ण से मिलन में सबसे बड़ी कोई बाधा थी तो सुदामा का संकोच ही था जिसके कारण मिलन में इतनी देरी हुई वैसे ही हर जीव के साथ होता है कि संकोच से युक्त होने के कारण जीवों द्वारा समर्पण में देरी होती है।
देवांगन परिवार द्वारा संकल्पित श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ में प्रतिदिन कथा श्रवण हेतु भक्तों की अपार भीड़ उमड़ रही है तथा आयोजक परिवार द्वारा भक्तों के लिए भोजन भंडारे की दिव्य व्यवस्था की गई है

