तो क्या बलि के लिए 8 लोगों की हुई मौत! ग्राम खर्वे के गलियारों में चर्चा गर्म, पुलिस बारीकी से कर रही है जांच खबर शतक लगातार 

कसडोल। बीते 11 दिनों से कसडोल थानांतर्गत ग्राम खर्वे में हुये 8 संदिग्ध मौतों का ग्राम खर्वे से लेकर राजधानी रायपुर तक चर्चा गर्म है, रहस्मयी तरीकों से हुई मौतों की इंसाइड और आउटसाइड स्टोरी जानने अब हर आम नागरिक आतुर नजर आ रहा है, इधर सभी की निगाहें पुलिस की जांच फोरेंसिक एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है, साथ ही राजधानी से लेकर जिले के आलाकमान का दबाव भी स्थानीय पुलिस को चुनौती दे रहा है, जिसके कारण कसडोल पुलिस पूरे मामले की तह तक जाकर बारीकी से जांच कर रही है, इसके अलावा स्थानीय पुलिस को वरिष्ट अधिकारियों का स्पष्टीकरण सहित 72 घंटों के भीतर पूरी रिपोर्ट भी देने का दबाव बना हुआ है। गौरतलब है कि इस मामले में कसडोल पुलिस ने 7 मर्ग भी कायम कर लिया है, जिसपर आगे एफआईआर की कार्रवाही कभी भी हो सकता है, हालांकि अब देखना होगा कि कब तक पूरे मामले से पर्दा उठता है, और पूरे संदिग्ध मौतों की प्रकृति क्या होती है, फिलहाल यह तो भविष्य के गर्भ में है, लेकिन ग्राम खर्वे से लेकर राजधानी रायपुर तक रहस्मयी तरीकों से हुई मौतों का चर्चा गर्म है।


तो क्या 21 लोगों का होना था बलि..!

गोवा शराब पीकर संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतों पर अब ग्राम खर्वे में परत दर परत अलग अलग इनसाइड स्टोरी निकलकर सामने आ रही है, KHABAR SHATAK.IN की पड़ताल में ग्राम खर्वे के कुछ ग्रामीणों ने बताया कि अंधविश्वास के चलते उक्त किराना व्यापारी द्वारा गड़े धन की चाहत में 8 लोगों की जान ले ली गईं। जबकि उनका टारगेट 21 का था जिसमें अभी भी 13 लोगों की मौत हो सकती है, जिससे ग्रामीण भय के साए में जी रहें है, इसके अलावा ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लगातार ग्राम में हो रही असमय मौतों पर पूजा पाठ सहित मुर्गा, बकरा और सुवर की भी बलि दी गई थी लेकिन उसके बाद भी कोई राहत नहीं मिल सका। यह प्रक्रिया लगातार जारी रहा। अब ग्राम के चौराहों सहित गली में यह चर्चा आम हो गया कि कही गड़े धन को पाने की चाहत में उक्त व्यक्ति के द्वारा शराब में जहर मिलाकर परोसा गया। जिसके सेवन से आमजनों को मौत का शिकार होना पड़ा। हालांकि यह तो जांच का विषय है, लेकिन गलियारों में यह चर्चा अब आम हो चला है।

“यह था पूरा मामला”

आपको बता दे कि ग्राम खर्वे में शराब के सेवन से फरवरी से 15 मई के बीच गांव में तकरीबन 8 स्वास्थ्य व्यक्तियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है, जिसके बाद ग्रामीणों द्वारा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कसडोल थाना में लिखित शिकायत दिया गया। जिसके बाद कसडोल पुलिस के द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन से फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम तथा प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी पर दुबारा दफन शव का पंचनामा पश्चात दुबारा 7 शवों का पोस्ट मार्टम और फोरेंसिक जांच कराया गया है। साथ ही एक शव का अग्नि दह संस्कार होने के कारण पोस्ट मार्टम नहीं हो पाया। इधर ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस प्रशासन द्वारा पीड़ितों और किराना व्यापारी से बयान भी लिया गया है। फिलहाल अब ग्रामीणों को पोस्ट मार्टम रिपोर्ट और कार्यवाही का इंतजार है।