स्वामी आत्मानंद – महामाया स्कूल में जागरूकता एवं विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम आयोजित, कौशल आधारित शिक्षा और AI Literacy पर दिया गया जोर

{Pankaj Kurre}

जांजगीर-चांपा | विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, कौशल आधारित शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से AISECT द्वारा संचालित ‘कौशल विकास यात्रा–2026’ के तहत स्वामी आत्मानंद शासकीय महामाया हायर सेकेंडरी स्कूल, पामगढ़ में जागरूकता एवं विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। एस.के.पी. सेंटर कृष्णा इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, ससहा रोड पामगढ़ के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), करियर मार्गदर्शन, कौशल विकास और भविष्य की तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।


‘समर्थ भारत–सक्षम भारत’ की थीम पर आधारित यह राष्ट्रीय अभियान 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत देश के 20 राज्यों और 300 जिलों में विद्यार्थियों, युवाओं, शिक्षकों तथा शैक्षणिक संस्थानों को जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

AI और कौशल आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों को जोड़ने की पहल


कार्यक्रम में AISECT के क्षेत्रीय प्रबंधक अरुण कुमार साहू ने कहा कि कौशल विकास यात्रा केवल एक शैक्षणिक अभियान नहीं, बल्कि युवाओं को भविष्य की तकनीकों, कौशल आधारित शिक्षा और रोजगारोन्मुख अवसरों से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को सही शैक्षणिक विकल्प चुनने और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित करना है।

वहीं, सम्मानित अतिथि आर.के. बंजारे ने AISECT की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि AI Literacy Mission और कौशल विकास यात्रा विद्यार्थियों को नई तकनीकों को समझने, करियर की संभावनाएं तलाशने तथा भविष्य के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने में मार्गदर्शन प्रदान कर सकती है।

AI Literacy Mission बना कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को AISECT AI Literacy Mission के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूल अवधारणाओं, शिक्षा एवं दैनिक जीवन में इसके उपयोग और भविष्य में इसकी बढ़ती भूमिका के बारे में बताया गया। साथ ही AI टूल्स के जिम्मेदार एवं नैतिक उपयोग और AI आधारित करियर विकल्पों की जानकारी दी गई।

विद्यार्थियों को बताया गया कि आने वाले समय में तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल भी रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसलिए अपनी रुचि, योग्यता और करियर के लक्ष्यों के अनुरूप शैक्षणिक विकल्पों का चयन करना आवश्यक है।

विभिन्न अकादमियों और पाठ्यक्रमों की दी गई जानकारी

विद्यार्थियों को AISECT की विभिन्न शैक्षणिक पहलों और कौशल विकास कार्यक्रमों से परिचित कराया गया। इनमें फ्यूचर स्किल अकादमी, एनीमेशन एवं AVGC अकादमी, टीचर्स एंड ट्रेनर्स ट्रेनिंग अकादमी, टैली अकादमी तथा फैशन एवं इंटीरियर डिजाइन अकादमी सहित अन्य कौशल आधारित पाठ्यक्रमों की जानकारी शामिल रही।

इसके अलावा नियमित एवं निजी शैक्षणिक कार्यक्रमों, ऑनलाइन स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों, AISECT Learn के ऑनलाइन और हाइब्रिड लर्निंग विकल्पों तथा AISECT समूह के विश्वविद्यालयों में उपलब्ध ऑन-कैंपस डिग्री कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी साझा की गई। विद्यार्थियों को QR कोड के माध्यम से पंजीकरण करने और आगे की जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

500 शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचने का लक्ष्य

AISECT कौशल विकास यात्रा–2026 के माध्यम से देशभर में लगभग 500 स्कूलों, कॉलेजों एवं शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचने तथा करीब 1,000 AISECT स्किल नॉलेज प्रोवाइडर्स (SKPs) और केंद्रों का भ्रमण करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के जरिए विद्यार्थियों तक शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी जागरूकता से संबंधित जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

ये रहे उपस्थित

कार्यक्रम में AISECT के क्षेत्रीय प्रबंधक अरुण कुमार साहू, आकाश सर, निमेश थमके, स्वामी आत्मानंद शासकीय महामाया हायर सेकेंडरी स्कूल पामगढ़ के प्राचार्य आर.के. बंजारे, राकेश बर्मन, डडसेना सर, AISECT पामगढ़ के संचालक देवनारायण कृष्णा, एच.एल. कृष्णा एवं स्टाफ सहित आसपास के केंद्रों से रघुनन्दन पटेल (बम्हनीडीह), रविन्द्र केशरवानी (शिवरीनारायण), देवेंद्र नामदेव (बिर्रा) और ऋषभनाथ योगी (राहौद) उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

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