मुख्यमंत्री ने जनपद गोरखपुर में श्री गोरखनाथ मन्दिर क्षेत्र की सुरक्षा हेतु निर्मित 02 आधुनिक सुरक्षा भवनों का उद्घाटन किया

(प्रदीप गुप्ता)

गोरखनाथ मन्दिर के समीप स्थित यह सुरक्षा भवन मॉडल बनें, यही मॉडल सुशासन और विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने में सहायक होगा इस भवन में लगभग 100 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी एक साथ ठहर सकते हैं।

मुख्यमंत्री जी आज जनपद गोरखपुर में श्री गोरखनाथ मन्दिर क्षेत्र की सुरक्षा हेतु 9.18 करोड़ रुपये से अधिक लागत से निर्मित अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक, कार्यालय, कन्ट्रोल रुम, पुलिस स्टोर रुम तथा मेन्टेनेंस वर्कशॉप के लिये निर्मित 02 आधुनिक सुरक्षा भवनों का उद्घाटन करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने सुरक्षा भवनों में उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यहां श्री गोरखनाथ मन्दिर के समीप स्थित यह सुरक्षा भवन एक मॉडल बन रहा है। पहले सुरक्षाकर्मियों को ठहरने के लिये परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब पुलिस, सामान्य अतिथियों व नागरिकों के ठहरने के लिये अलग–अलग सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे सबकी जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है। यही मॉडल सुशासन और विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने में सहायक होगा। इस भवन में लगभग 100 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी एक साथ ठहर सकते हैं। इस भवन में श्री गोरखनाथ मन्दिर क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक सुरक्षा का कार्यालय होगा। इसके साथ ही, डिप्टी एस0पी0, इंस्पेक्टर्स, सब इंस्पेक्टर्स, एन0एस0जी0 आदि के लिए बेहतरीन आवासीय सुविधा, मेस, ऑफिस तथा मीटिंग हॉल आदि उपलब्ध होगा।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले थाना, चौकी, पुलिस लाइन, पी0ए0सी0 वाहिनियों आदि में पुलिस कार्मिकों तथा अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधा नहीं थी। परिणामस्वरूप उन्हें किराये पर रहकर अपना जीवन जैसे-तैसे व्यतीत करना पड़ता था। प्रदेश सरकार द्वारा वर्तमान में प्रत्येक पुलिस लाइन में 200 पुलिस कार्मिकों के लिए आवासीय सुविधा प्रदान की गयी है। महिला और पुरुष पुलिस कार्मिकों के लिए 2 अलग–अलग बैरकों का निर्माण किया गया है। प्रत्येक थाने में महिला व पुरुष कार्मिकों के लिए अलग–अलग बैरकों का निर्माण किया गया है। आज विकास के परिणाम बड़े पैमाने पर दिखायी दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले थाना तो बन जाता था, लेकिन बैरक नहीं बनते थे। अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं होती थी। परिणामस्वरूप जब पुलिस किसी अपराधी को पकड़कर लाती थी, तो ठहरने की व्यवस्था न होने के कारण अपराधी को छोड़ना पड़ता था। पुलिस असहाय सी नजर आती थी। अब अपराधी भाग नहीं सकता, क्योंकि थाने में ही उसे रखने की सुविधाएं प्रदान की गयी है।

इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य डॉ० धर्मेंद्र सिंह, विधायक श्री महेन्द्र पाल सिंह, श्री विपिन सिंह, श्री प्रदीप शुक्ला, इंजी० सरवन निषाद, सलाहकार मुख्यमंत्री श्री अवनीश कुमार अवस्थी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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