राहुल गांधी के संघर्ष से जातिगत जनगणना का सपना हुए साकार…..देवांगन
(मदन खाण्डेकर)
BILAIGARH । जातिगत जनगणना से समाज के विभिन्न वर्गों की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति का पता चलेगा जो सरकारी योजनाओं के निर्धारण में उपयोगी सिद्ध होगी। देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह (Prime Minister Dr. Manmohan Singh) ने 2011 में सर्व प्रथम जातिगत व आर्थिक जनगणना करने के लिए फैसला लिए थे।सारंगढ बिलाईगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ताराचंद देवांगन (President Tarachand Dewangan) ने बताया कि लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से केंद्र के भाजपा सरकार को जातिगत जनगणना के लिए विवश करने के सफल प्रयास रहा है।
यह जातिगत जनगणना 2011 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार डॉ मनमोहन सिंह (Government Dr. Manmohan Singh) जब प्रधानमंत्री थे। तब देश के आर्थिक को मजबूती करने एवं आर्थिक तंगी से जूझ रहे ऐसे लोगो को आगे बढ़ाने के लिए देश मे आर्थिक व जाति गत जनगणना करने की सरकार फैसला लिया था और कार्य चालू कर दिया था।
जिलाध्यक्ष देवांगन ने बताया कि जब से केंद्र में भाजपा की सरकार बनी तब से केंद्र सरकार नही चाहती थी कि देश की जनताओ का जातिगत, जनगणना हो। जाति जनगणना की मांग को लेकर कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बहुत ही संघर्ष किया सदन से रोड तक कि लडाई लड़ती रही। आखिर कार केद्र की भाजपा सरकार ने देश मे जाति गत जनगणना कराने की फैसला लिया है। यह फैसला पहले लिया जाता तो आज देश की जनताओ को ज्यादा लाभ मिल चुका होता। सदन में जातिगत जनगणना कराने की फैसला के लिए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को आभार।



