शराब बंदी और नशा मुक्ति को लेकर ग्रामीणों ने सरपंच को सौंपा आवेदन

(पंकज कुर्रे )

 

पामगढ़ ग्राम पंचायत मुड़पार (ब) में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में ग्राम बैठक का आयोजन जिसमें शराब बंदी और नशा मुक्त ग्राम बनाने को लेकर लिया गया विशेष निर्णय जिससे बढ़ रहे अपराध और ग्राम में हो रहे आर्थिक समस्याओं को रोकने के लिए ग्रामीणों ने सरपंच दिलेश्वरी विश्वनाथ जाहिरे को दिए शराब बंदी और नशा मुक्ति को लेकर आवेदन। पंचायत के पंचों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। बैठक में नशा करने से होने वाले नुकसान और इससे परिवारों में बढ़ रही कलह पर चर्चा हुई। समाज में बिगड़ती समरसता पर भी चिंता जताई गई।

 

ग्रामीणों द्वारा आवेदन में संलिप्त कहा है ग्राम पंचायत मुड़पार “ब” में कच्ची महुआ शराब एवं अन्य भादक पदार्थ का सेवन एवं निर्माण नहीं करेंगे और न ही ग्राम में हमारे द्वारा न ही उक्त कार्य किया जायेगा और न ही कराया जायेगा, और हमारे द्वारा न ही शराब का सेवन कर गाली-गलौच किया जायेगा। यदि उक्त कृत्य हम में से किसी भी व्यक्ति/महिला/युवा के द्वारा किया जाता है तो हम स्वयं दोषी होंगे और कानून अपराधी माने जायेंगे। यदि उक्त्त कृत्य पर संलिप्त पाये जाने पर हमारे विरुद्ध ग्राम पंचायत मुड़पार “ब” एवं गांव के प्रमुख व्यक्तियों को अधिकार होगा कि हमारे विरुद्ध आरक्षी केन्द्र पामगढ़ में एफ.आई.आर. दर्ज कराकर हमे दण्डित करा सकता है। समस्त ग्राम वासियों का कहना है कि समाज और गांव को नशा मुक्त ग्राम पंचायत हमारा हो, और ग्रामीणों द्वारा हमारे समाज का इस बुराई को हटाने के लिए सभी ग्राम वासियों ने संकल्प लिए।

 

उपस्थित ग्रामीणों ने गांव को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया। बैठक में नेहरू जाहिरे, भगवान पुरी, मोहन लाल खरे, सहदेव प्रसाद खूंटे, रामधनी चेलकर, मनोबल जाहिरे और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। महिलाओं ने विशेष रूप से भाग लिया।






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