पर्व बरगद पेड़ की परिक्रमा की और पति की दीर्घायु की कामना की पति की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने की वट सावित्री पुजा
(मदन खाण्डेकर)
चित्रोत्पला महानी त्रिवेणी संगम किनारे ग्राम गिधौरी में पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण विश्राम वट में शुक्रवार को सुहागिन महिलाओं ने भारी संख्या में पति के दीर्घायु जीवन की कामना की और निर्जला व्रत रखकर वट सावित्री की पुजा कर बरगद पेड़ की परिक्रमा की ।यहां फर विश्राम वट पर पुजा करने महिलाओं का सुबह से आना जाना लगा हुआ था महिलाओं ने बताया कीप्रचलित हिंदू ग्रंधानुसार आज के दिन माता सावित्री ने अपने पति सत्यावान के दीर्घायु के लिए वटवृक्ष की पुजा की थी।
तब से हिंदू धर्म की विवाहित महिलाओं ने अपने पति के दीर्घायु के लिए व्रत रखकर उसी परम्परा का अनुशरण करते हुए यह व्रत रखते आ रही है जनश्रुति के अनुसार इस स्थान पर त्रेता युग में विशाल बरगद पेड़ के नीचे भगवान श्रीराम ने माता सीता ,भाई लक्ष्मण सहित वनवास जाते समय इसी बरगद पेड के नीचे बैठकर विश्राम किया था तब से इस वृक्ष को विश्राम वट के नाम जाना जाता है विशाल विश्राम वट के नीचे बजरंगबली का मंदिर है और आसपास अव वहां पर अन्य मंदिर स्थापित हो गया है और हमेशा आकर्षक नजारा महानदी त्रिवेणी संगम से लोगों का आनाजाना लगातार रहता है।
बीते कई वर्षों से हनुमानजी की सुबह शाम आस्था के साथ पंडित मुकेश शर्मा द्वारा पुजा कथा सुनाई और आरती की और प्रतिदिन पुजा अर्चना किया जाता है ऐसी आस्था है कि गांव में श्रद्धालुओं भी पुजा अर्चना में शामिल होकर हनुमानजी से आशिर्वाद प्राप्त करने की मान्यता है


