कृषकों के कल्याण के लिए मध्यप्रदेश सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मध्य प्रदेश :- मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की निगरानी और प्रभावी संचालन के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे, जबकि कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ इसमें शामिल होंगे।
किसानों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: सीएम डॉ.मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, बेहतर बाजार और सरकारी योजनाओं का अधिक लाभ मिलेगा।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी राज्य स्तरीय समिति
प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत चयनित जिलों में योजना की निगरानी और बेहतर क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना समिति’ का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे।
समिति में कृषि उत्पादन आयुक्त को उपाध्यक्ष तथा सचिव किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग को सदस्य-सचिव बनाया गया है।
कौन-कौन होंगे समिति के सदस्य?
इस समिति में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कृषि विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। इनमें सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास, पशुपालन एवं डेयरी विकास, सहकारिता, जल संसाधन, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इसके अलावा जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर, नाबार्ड मध्य प्रदेश और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) के प्रतिनिधि भी समिति के सदस्य रहेंगे।
योजना की निगरानी और बजट आवंटन पर रहेगा फोकस
समिति प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करेगी। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर योजनाओं का प्रभावी अभिसरण सुनिश्चित करेगी और चयनित जिलों को समय पर बजट उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी।
चयनित जिलों को मिलेगा विशेष सहयोग
सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना के अंतर्गत चयनित जिलों में काम कर रही सभी एजेंसियों को आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे।
8 जिलों के उत्पादों की होगी ब्रांडिंग और मार्केटिंग
समिति की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में प्रदेश के चयनित 8 जिलों के कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और वैल्यू एडिशन (मूल्यवर्धन) भी शामिल है। इससे स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी और किसानों की आय बढ़ाने का रास्ता मजबूत होगा।



