शासकीयकरण नही करने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर ग्राम सचिव संघ, उग्र आंदोलन की चेतावनी, 1 अप्रैल को मंत्रालय घेराव
(मानस साहू)
KASDOL। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा मोदी की गांरटी में पंचायत सचिवों को शासकीयकरण करने का वादा किया था, साथ ही 1995 से कार्यरत पंचायत सचिवों को शासकीयकरण की गांरटी दी दिया गया था लेकिन शासकीय करण नही होने पर अब सचिव संघ लामबन्द हो गए है, आपको बता दे कि कसडोल जनपद पंचायत के ब्लाक सचिव संघ के अध्यक्ष कामता प्रसाद साहू (President: Kamta Prasad Sahu) ने कहा कि सरकार के द्वारा मोदी की गारंटी के तहत सचिवों को शासकीय करण करने की बात विधानसभा चुनाव के दौरान कहा गया था साथ ही इस बावत राजधानी के इन्डोर स्टेडियम के सभागार में मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री, मंत्री महिला बाल विकास विभाग तथा घोषणा पत्र के संयोजक सांसद दुर्ग की उपस्थिति के बीच मौजूदा सरकार ने सभी पंचायत सचिवों के शासकीयकरण को अति आवश्यक मानते हुये शीघ्र हीं शासकीयकरण करने का भरोषा देते हुये मुख्यमंत्री द्वारा मोदी की गारंटी को पुरा करने हेतू तत्काल कमेटी गठन करने की घोषणा करते हुये।
शासकीयकरण करने का भरोसा दिया था मुख्यमंत्री के घोषणा अनुरूप 16 जुलाई 2024 को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा समिति गठन कर 30 दिवस के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने हेतू उल्लेख किया गया था। उक्त आदेश के परिपालन में कमेटी द्वारा पंचायत सचिवों के शासकीयकरण के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया गया है। जिस पर पंचायत सचिवों को पुर्ण आशा एंव विश्वास था कि रिपोर्ट अनुसार बजट सत्र में शासकीयकरण का सौगात प्रदान किया जायेगा। किन्तु बजट सत्र में नहीं आने एव इस विषय पर सरकार द्वारा कोई पहल नहीं करने के कारण पुरे प्रदेश के पंचायत सचिव क्षुब्ध एवं आकोशित है।
इसलिये प्रदेश पंचायत सचिव संघ के द्वारा दिनांक 17/03/2025 को प्रदेश के समस्त सचिवों द्वारा विधानसभा घेराव किया गया अब 18/03/2025 से ब्लाक मुख्यालय में अनिश्चित कालिन हडताल किया जा रहा हूं अब आगामी 01 अप्रैल को मंत्रालय घेराव करने का निर्णय लिया गया है। अगर मांग पूरा नही होता तो प्रदेशाध्यक्ष के मार्गदर्शन पर रूपरेखा बनाकर हड़ताल किया जाएगा। इधर सचिव संघ की सहोद्रा साहू (Sahodra Sahu of the Secretary Association) ने कहा कि हमारी केवल नियमितीकरण की मांग है जिसे सरकार को जल्द पूरा करना चाहिए नही तो हम लामबन्द होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जूट रहेंगे।









