कौन बनेगी छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की अध्यक्ष?
संगीता सिन्हा के नाम पर राजनीतिक सरगर्मी तेज, 5 जनवरी को दिल्ली में होगा इंटरव्यू
(दीपक देवदास)
गुरुर। छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस को जल्द ही नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने जा रहा है। वर्तमान अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम के इस्तीफे के बाद संगठन में नए नेतृत्व को लेकर मंथन तेज हो गया है। इसी क्रम में 5 जनवरी को दिल्ली में महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए संभावित दावेदारों का इंटरव्यू आयोजित किया गया है।
इस दौड़ में बालोद विधायक संगीता सिन्हा का नाम सबसे सशक्त और प्रभावशाली दावेदार के रूप में उभरकर सामने आया है, जिससे प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, महिला कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूती देने और संगठन को नई दिशा देने के उद्देश्य से यह चयन प्रक्रिया अपनाई जा रही है। दिल्ली में होने वाले इस इंटरव्यू के लिए संगीता सिन्हा के साथ पूर्व विधायक छन्नी साहू का नाम भी चर्चा में है।
संगीता सिन्हा की पहचान एक जुझारू, मुखर और जनमुद्दों पर अडिग जनप्रतिनिधि के रूप में रही है। विधानसभा में उन्होंने सत्ता पक्ष को लगातार सवालों के घेरे में रखा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, रोजगार, सड़क, बिजली-पानी जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर वे सदन में मजबूती से आवाज उठाती रही हैं।
अब तक वे विधानसभा में 173 से अधिक सवाल पूछ चुकी हैं, जो उनकी सक्रिय विधायी भूमिका और जनता के प्रति जवाबदेही को दर्शाता है। उनके सवाल केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि जमीनी हकीकत से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करते हैं।
बालोद की जनता ने दोबारा जताया भरोसा
बालोद विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार विधायक चुनी गईं संगीता सिन्हा ने अपनी मजबूत जनस्वीकृति और संगठनात्मक क्षमता का प्रमाण दिया है। क्षेत्र में निरंतर सक्रियता, जनता से सीधा संवाद और चुनावी राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें अन्य दावेदारों से अलग बनाती है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व उनके पति भैयाराम सिन्हा भी विधायक रह चुके हैं, जिससे राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक समझ उन्हें विरासत में मिली, लेकिन संगीता सिन्हा ने अपनी अलग कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता से स्वयं की स्वतंत्र पहचान स्थापित की है।
क्यों मजबूत मानी जा रही है दावेदारी
हालांकि शुरुआत में महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए पूर्व विधायक छन्नी साहू का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा था, लेकिन संगीता सिन्हा के संसदीय अनुभव, आक्रामक शैली और पार्टी के प्रति स्पष्ट प्रतिबद्धता को देखते हुए अब समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।
पार्टी हाईकमान महिला कांग्रेस को अधिक सक्रिय, संघर्षशील और जनआंदोलनों से जोड़ने वाले नेतृत्व की तलाश में है, और इस कसौटी पर संगीता सिन्हा खरी उतरती दिखाई दे रही हैं।
नए साल में महिला कांग्रेस को मिल सकता है नया चेहरा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि संगीता सिन्हा को यह जिम्मेदारी सौंपी जाती है, तो महिला कांग्रेस को प्रदेशभर में नई ऊर्जा मिलेगी और संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूती प्राप्त होगी।
नए वर्ष की शुरुआत के साथ ही महिला कांग्रेस को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने की पूरी संभावना है। 5 जनवरी को दिल्ली में होने वाले इंटरव्यू के बाद पार्टी हाईकमान अंतिम निर्णय लेगा। ऐसे में संगीता सिन्हा का नाम शीर्ष दावेदारों में होना न केवल बालोद बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है।

