वन विभाग में 10 वर्ष से अधिक पदस्थ 966 तृतीय और 2,664 चतुर्थ श्रेणी के कर्मी होंगे नियमित
00 वन विभाग के प्रस्ताव को सामान्य प्रशासन विभाग ने दी मंजूरी, मापदंड तय करने 4 सदस्यीय समिति का किया गठन
रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में 7000 दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिकता निधि के कार्यभारित कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है जिनमें इनमें से 10 वर्ष या उससे अधिक समय से कार्यरत 966 तृतीय श्रेणी और 2,664 चतुर्थ श्रेणी के पदों पर 3630 कर्मियों का नियमितीकरण किया जाएगा, वहीं 10 वर्ष से कम वालों का स्थाईकरण किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) की सहमति मिलने के बाद सेवा शर्तों और भर्ती नियमों का प्रारूप तैयार करने के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति को 15 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसके बाद शासन स्तर पर नियमों को अधिसूचित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
वन विभाग ने 1-1-98 के बाद से कार्यभारित एवं आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए भर्ती तथा सेवा शर्ते नियम, 2024 लागू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। अधिसूचना प्रारूप तैयार करने के लिए जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव अमिताभ बाजपेयी की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है। मुख्य वन संरक्षक, रायपुर वृत्त मणिवासगन एस. और वनमंडलाधिकारी, गरियाबंद मयंक पाण्डेय को सदस्य उप वन संरक्षक रौनक गोयल समिति के सदस्य सचिव बनाए गए हैं।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय के आदेश के अनुसार समिति को कर्मचारियों की भर्ती, सेवा शर्तों और संबंधित नियमों के सभी पहलुओं का परीक्षण करना होगा। इसके बाद अधिसूचना का प्रारूप तैयार कर 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करना होगा। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद शासन स्तर पर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।








