बलिदान दिवस पर चंद्रशेखर आजाद को नमन, पीएम मोदी बोले—अडिग संकल्प ही सच्चा पराक्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का जीवन यह संदेश देता है कि अन्याय के खिलाफ अडिग रहने का संकल्प ही सच्चा पराक्रम है।

सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, “भारत माता के वीर सपूत चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर उन्हें मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने मां भारती को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, जिसके लिए वे सदैव स्मरणीय रहेंगे।”

त्याग और पराक्रम की प्रेरक गाथा

प्रधानमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का जीवन बताता है कि अन्याय के खिलाफ अडिग रहने का संकल्प ही सच्चा पराक्रम है। मातृभूमि के लिए उनके बलिदान की गाथा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।”

संस्कृत सुभाषितम् का उल्लेख

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया— “न हि शौर्यात्परं किञ्चित् त्रिषु लोकेषु विद्यते। शूरः सर्वं पालयति सर्वं शूरे प्रतिष्ठितम्।”— इसका आशय है कि तीनों लोकों में शौर्य से श्रेष्ठ कोई तत्व नहीं है। शौर्य ही वह आधारभूत शक्ति है जो चराचर जगत का पोषण और रक्षण करती है तथा समस्त लोक मर्यादा और कर्तव्य का आधार बनती है।

गृह मंत्री अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संदेश में कहा कि चंद्रशेखर आजाद ने जीवन की अंतिम सांस तक ‘वंदे मातरम्’ का गान करते हुए अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध वीरतापूर्ण संघर्ष किया। उन्होंने काकोरी ट्रेन एक्शन, हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के गठन और क्रांतिकारियों के संगठन निर्माण में उनके योगदान को स्मरण किया।

योगी आदित्यनाथ ने भी उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चंद्रशेखर आजाद के प्रसिद्ध वाक्य— “दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे।” — को साझा करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उनका त्याग और तेजस्वी व्यक्तित्व युगों-युगों तक राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देता रहेगा।