रिश्तेदारों के नाम पर फर्म और बिल बाउचर, पंचायत प्रतिनिधियों ने खुद लिया आर्थिक लाभ

(दीपक देवदास)

बालोद। बालोद जिले के ग्राम पंचायत कंवर में पंचायत के विकास कार्यों में अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद की गई जांच में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि सरपंच, उपसरपंच और पंच ने अपने रिश्तेदारों या खुद से जुड़ी फर्मों के नाम पर कार्यों के बिल पास कराकर पंचायत के फंड से आर्थिक लाभ उठाया। जांच अधिकारी ने इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को सौंपी है। आर्थिक अपराध से जुड़ा मामला उजागर होने के बाद अब पंचायत प्रतिनिधियों में हड़कंप है वहीं गांव में चर्चाओं का बाजार भी गर्म है।

सरकारी राशि में हेराफेरी की शिकायत मिलने पर जनपद पंचायत गुरूर के राजस्व एवं लेखा परीक्षण अधिकारी आरएल ठाकुर और जनपद पंचायत गुरूर के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी एनके बागड़े को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जांच टीम ने सरपंच, उपसरपंच, पंच, शिकायतकर्ता और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। साथ ही पंचायत के सभी रिकॉर्ड, बिल-वाउचर, पंजी और दस्तावेजों की गहन जांच की। रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक कार्ययोजना के तहत अधिकांश कार्य हुए, लेकिन कुछ मामलों में नियमों की अनदेखी कर पदाधिकारियों ने खुद आर्थिक लाभ लिया। पंचायत प्रतिनिधियों ने पंचायती राज अधिनियम का उल्लंघन करते हुए अपनी ही ग्राम पंचायत को चूना लगाया।

गांव के सरपंच के पुत्र की फर्म को भुगतान

‘विकास कृषि फर्म एंड मटेरियल सप्लायर’ नाम से सरपंच के पुत्र की फर्म संचालित है। ग्राम में सफाई कार्य के दौरान ट्रैक्टर से कचरा व अन्य सामग्री के परिवहन के नाम पर इस फर्म को 31,200 रुपये का भुगतान किया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह फर्म सरपंच के पुत्र की है, जिससे सरपंच ने अप्रत्यक्ष रूप से खुद को लाभ पहुंचाया।

उपसरपंच के पिता की फर्म और खुद के नाम पर भुगतान

‘आनंद ट्रांसपोर्टेशन’ नामक फर्म उपसरपंच के पिता के नाम पर चल रही है। पेयजल विस्तार टंकी निर्माण के लिए सामग्री आपूर्ति के नाम पर इसे 12,385 रुपये दिए गए। इसके अलावा नाली सफाई, बाजार शेड सफाई, चबूतरा निर्माण और सांसद खेल महोत्सव से जुड़े मजदूरी कार्यों के लिए उपसरपंच नवीन कुमार के नाम पर 9,700 रुपये का फंड ट्रांसफर किया गया। जांच में मजदूरों के सहमति पत्र तो मिले, लेकिन यह पाया गया कि उपसरपंच ने रिश्तेदारों और परिवारजनों के नाम से बिल लगाकर लाभ कमाने की कोशिश की।

पंच की फर्म से सामग्री और मजदूरी का भुगतान

पंच प्रेम आनंद की ‘जे.पी. इंजीनियरिंग वर्कशॉप’ से पेयजल संधारण, सामग्री आपूर्ति, बाजार शेड मरम्मत, झंडा-चबूतरा निर्माण आदि कार्यों के लिए कुल 66,970 रुपये का भुगतान किया गया। जांच में पुष्टि हुई कि पंच ने भी परिवारजनों और रिश्तेदारों के नाम पर बिल प्रस्तुत कर पंचायत फंड से लाभ उठाया। जबकि यह नियमों का खुला उल्लंघन है।

जॉब कार्ड से राशि वसूली का आरोप फेल

शिकायत में एक आरोप था कि ग्रामीण विकास समिति के अध्यक्ष घनाराम साहू ने जॉब कार्डधारियों से प्रति कार्ड 100 रुपये वसूले। लेकिन जांच में इसकी कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। साथ ही ग्रामीण विकास समिति पंचायत से अलग संस्था होने के कारण इस मामले को सत्यापित नहीं माना गया। जांच अधिकारी आरएल ठाकुर (राजस्व एवं लेखा परीक्षण अधिकारी, जनपद पंचायत गुरूर) और एनके बागड़े (अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत गुरूर) ने अपनी रिपोर्ट में बिंदु 2, 3 और 4 में अनियमितताओं को प्रमाणित किया है, जबकि बिंदु 5 खारिज हो गया।

 

जांच रिपोर्ट भेजी, कार्रवाई भी होगी

शिकायतकर्ताओं के बयान, वार्षिक कार्ययोजना, बिल-वाउचर, ग्रामसभा प्रस्ताव सहित जांच रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। जांच में पाया गया कि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और नियमों के पालन की अनदेखी की गई है। इस पूरे मामले में अब विभागीय स्तर पर सख्त कार्रवाई होगी। एफआईआर भी दर्ज हो सकती है।

– एनके बागड़े, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत गुरूर

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